बाढ़ व भूस्खलन से बडे पैमाने पर जानमाल नुकसान, राहत और उद्धार जारी

हिमालिनी डेस्क
काठमांडू, १७ अगस्त ।
राष्ट्रिय मानव अधिकार आयोग ने बाढ़ व भूस्खलन की वजह से बडे पैमाने पर जानमाल के नुकसान का जिक्र करते हुए राहत और उद्धार के कामों को प्रभावकारी तौर पर संचालित करने की सिफारिश सहित का पत्र सरकार को भेजा है ।
हालिया भारी बारिश की वजह से देश में बाढ़ भूस्खलन और डुबान से विभिन्न जिलों में हुई जन–धन की क्षति जैसे मानवीय संकट के प्रति गहरा दुख जताते हुए आयोग ने राहत उद्धार और स्वास्थ्य सेवा के लिए प्रभावकारी कदम बढ़ाने के लिए प्रधानमन्त्री तथा मन्त्रीपरिषद् कार्यालय, गृह मन्त्रालय और स्वास्थ्य मन्त्रालय में पत्र भेजे होने की जानकारी आयोग की प्रवक्ता मोहना अन्सारी ने दी ।
इस बात के उल्लेख के साथ कि बाढ़ प्रभावित जिलों में बाढ़ पीडितों के उद्धार, राहत वितरण, आवास और स्वास्थ्य जाँच लगायत व्यवस्था पर केन्द्रित होकर आयोग विशेष अनुगमन कर रहा है, पत्र में कहा गया है कि रौतहट, बारा, पर्सा, मोरङलगायत जिलों के कुछ स्थानों में खाद्यान्न, त्रिपाललगायत राहत सामग्रियों के न पहुँचने की वजह से पीडित जनता काफी मुश्किल में है ।
प्रवक्ता अंसारी के मुताबिक प्राकृतिक प्रकोप के बाद संभावित संक्रामक रोग और महामारी से उत्पन्न होने वाले जोखिम के मद्देनजर चिकित्सकों की अस्थायी टोली की व्यवस्था तत्काल करने का सरकारसहित सम्बन्धीत सभी सरोकार वालों से आयोग ने पुनः आग्रह किया है ।

