Tue. Nov 19th, 2019

१० साल की बच्ची ने एक बच्ची को जन्म दिया, माँ की परिभाषा क्या होती है, उसको क्या पता ?

डॉ शिल्पा जैन सुराणा, वारंगल, तेलंगाना | १० साल की एक मासूम सी अबोध बच्ची, जिसकी उम्र के बच्चे खेलते कूदते है, एक सपनीली दुनिया मे रहते है, जहां रंग बिरंगे ख्वाब बने जाते है, इसी उम्र में उस नन्ही सी मासूम ने एक बच्ची को जन्म दिया। माँ की परिभाषा क्या होती है, उसको क्या पता ? वो इस बात से इतनी अनजान थी कि उसे बताया गया कि उसके पेट मे पथरी है जिसका इलाज डॉक्टर कर रहे है।
ये खबर कोई खबर नही है, कालिख है हमारे समाज पर, एक धब्बा है जो कभी नही मिटने वाला। बचपन छीन गया उस बच्ची का, क्या कभी वो वैसी बन पाएगी जो एक दस साल की बच्ची को होना चाहिए।
इंसान होने का ओहदा हम खोते जा रहे है, जो ऐसी खबर पढ़ कर भी आंखे बंद कर लेते है मुँह फेर लेते है। क्या भविष्य है हमारे बच्चों का ? कब कौन सा वहशी दरिंदा किस भेष में सामने आ जाये कौन जानता है ? कितने सुरक्षित है हमारे बच्चे।
अखबार में आता है 2 साल की बच्ची से रेप 3 साल की बच्ची से रेप, कभी आया ऐसे जघन्य और घिनोना काम करने वाले को मौत की सज़ा। सो रहा है हमारा कानून, शर्म से डूब मरने वाली बात है कि बरसो बीत जाते है और अपराधी बेखौफ घूमते है। किस दिन का इंतज़ार है जब लड़कियां औऱ बच्चियां घर मे कैद हो जाये, क्या वहाँ वो सुरक्षित रहेगी।
सरकार अभियान चला रही है बेटी बचाओ। बेटियो को बचाओ ताकि ऐसे दरिंदे अपनी दरिंदगी दिखा सके। कोई दो राय नही कि आज हम औरतो को ही बेटी पैदा करने में डर लग रहा है, क्या भविष्य होगा उनका, कब तक हम उनको अपनी ममता की छांव में सुरक्षित रखेंगे। कभी तो उनको घर से बाहर निकालना पड़ेगा। जवाब चाहिए कहाँ सुरक्षित है वो स्कूल में, पार्क मे या घर की चारदीवारी में।
कोई जवाब नही है किसी के पास। हम सब ने मुँह पर ताले जड़ दिए है। अब सिर्फ एक ही उपाय है, अभी नही तो कभी नही, सभी लोगो को इसके लिए साथ जुड़ने की जरूरत है, ऐसा अभियान चलाया जाए जिससे हमारी सरकार जागे, ऐसा प्रावधान लाया जाए जिसमे बच्चो के खिलाफ ऐसे अपराध करने वाले को सीधा मृत्यु दंड दिया जाए।

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *