Wed. Apr 8th, 2020

नकारात्‍मक ऊर्जा दूर करती है बांसुरी

२७ अगस्त

श्रीकृष्ण के बाँसुरी के दिवाने ताे सभी थे ।  गाेपियाँ पागल थी इनके पीछे । सुधबुध खाे देतीं  थी  वाे । इसकी माेहक अावाज यूँ ही मन माेह लेती है । पर यह बाँसुरी सिर्फ एक वाद्य यंत्र ही नहीं है । इसके कई महत्तव है‌ं ।अाइए जानें अाज इससे जुडी अहम बातें ।

हर कोई चाहता है कि उसके घर में सुख-शांति का वास हो, घर के सभी सदस्‍य स्‍वस्‍थ और खुशहाल जीवन जिएं और घर में अन्‍न और धन की कमी न हो। लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि इसके पीछे कहीं ना कहीं इन समस्याओं की जड़ आपके घर में व्याप्त नकारात्मक ऊर्जा है, जो ना ही आपको समस्याओं का कारण जानने देती है और ना ही निवारण। अगर आपको भी कुछ ऐसे ही हालातों का सामना करना पड़ रहा है तो इसके समाधान के लिए आपको परंपरागत वास्तु टिप्स अपनाना चाहिए और यह अचूक उपाय कुछ और नहीं बल्कि श्रीकृष्‍ण की प्रिय “बांसुरी“ है। जी हां बासुरी को घर में रखने से नकारात्‍मक ऊर्जा दूर होती है।

नकारात्‍मक ऊर्जा दूर करती है बांसुरी

बांसुरी, भगवान श्रीकृष्ण की सबसे प्रिय वस्तुओं में से एक है। जब श्रीकृष्ण बांसुरी बजाते थे तो पूरा गोकुल मुग्ध होकर उनकी बांसुरी सुना करता था। बांसुरी सम्मोहन, खुशी व आकर्षण का प्रतीक मानी जाती है। कहते हैं कि बांसुरी बजाने पर उससे आने वाली आवाज से नकारात्मक ऊर्जा सकारात्मक ऊर्जा में बदल जाती है। हर कोई इस संगीत की तरफ सहज ही आकर्षित हो जाता है। बांसुरी भगवान कृष्ण की प्रिय होने के कारण बहुत ही पवित्र मानी जाती है। पवित्र होने के साथ-साथ वास्तु में भी बांसुरी का खास स्थान माना जाता है। अलग-अलग रंग और प्रकार की बांसुरी अलग-अलग फल देने वाली मानी जाती है।

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विचारों में सकारात्मकता आती है

ऐसी मान्यता है कि घर में बांसुरी जरूर रखना चाहिए, क्योंकि बांसुरी रखने से घर में कई तरह के वास्तु दोष दूर होते हैं। जिस घर में बांसुरी रखी होती है परिवार के सदस्यों के विचार सकारात्मक होते हैं जिससे उन्हें सभी कार्यों में सफलता प्राप्त होती है। हिन्दू शास्त्रों के अनुसार उल्लास को जीने वाले श्रीकृष्ण को बांसुरी अत्याधिक प्रिय है। इसी वजह से बांसुरी को पवित्र और शुभ समझा जाता है। साथ ही श्रीकृष्ण की कृपा से सभी दुख और पैसों की तंगी भी दूर हो जाती है।

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परस्पर प्रेम की भावना

बांसुरी का स्वर प्रेम बरसाता है इसलिए जिस घर में बांसुरी होती है या उसके स्वर गूंजते हैं, उस घर में प्रेम और उत्साह की कोई कमी नहीं रहती। यदि मानसिक चिंता अधिक रहती हो अथवा पति-पत्नी दोनों के बीच झगड़ा रहता हो, तो सोते समय सिरहाने के नीचे बांसुरी रखनी चाहिए। ऐसा माना जाता है कि जिस घर में बांसुरी होती है उस घर में भगवान श्रीकृष्ण की कृपा हमेशा बनी रहती है। इसके अलावा घर के सदस्यों में परस्पर प्रेम की भावना बनी रहती है और भीतरी शांति का अनुभव करते हैं।

घर में कहां रखें बांसुरी

  • घर में बांसुरी ऐसे स्थान पर रखनी चाहिए, जहां से वह हमेशा आसानी से नजर आती रहे। किसी दीवार पर भी सुंदर सी बांसुरी लगाई जा सकती है। इससे घर की सुंदरता में भी वृद्धि होगी।
  • अगर घर में कोई न कोई सदस्य हमेशा बीमार रहता हो, तो उसके कमरे के दरवाजे पर व उसके सिरहाने बांसुरी का उपयोग अवश्य करना चाहिए।
  • अगर आपको व्यापार व नौकरी में लगातार असफलता मिल रही हो या मेहनत के अनुसार फल न मिल रहा हो, तो अपने कमरे के दरवाजे पर दो बांसुरी लगाएं।
  • अगर आप आध्यात्मिक रूप से उन्नति चाहते है, या फिर किसी प्रकार की साधना में सफलता चाहते है तो, अपने पूजा घर के दरवाजे पर भी बांसुरी लगाये, शीघ्र ही सफलता प्राप्त होगी।
  • लेकिन इस बात का ध्यान देना जरूरी है कि बांसुरी कभी भी सीधी नहीं लगानी चाहिए, बल्कि इसे हमेशा तिरछा लगाने से लाभ मिलता है। साथ ही बांसुरी का मुंह हमेशा नीचे रहना चाहिए।
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बाजार में कई प्रकार की सुंदर और मनमोहक बांसुरियां मिलती हैं। जैसे बांस की, लोहे की, स्टील की या अन्य किसी धातु की। सामान्यतया हमें घर में बांस की बनी हुई बांसुरी ही रखना चाहिए। तो चलिए देर किस बात की अगर आपके घर में बांसुरी नहीं है तो अपनी अगली शॉपिंग लिस्ट में इसका नाम भी शामिल कर लीजिए।

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