त्रिवि शिक्षण अस्पताल में किडनी का अवैध काराेबार
काठमान्डाै १६ सितम्बर
त्रिभुवन विश्वविद्यालय शिक्षण अस्पताल महाराजगंज से किडनी का अवैध कारोबार हाेने की खबर आज के नया पत्रिका में प्रकाशित है। किडनी तस्कर गिरोह द्वारा आर्थिक प्रलोभन देकर विपन्न व्यक्ति की किडनी शिक्षण अस्पताल में निकाला गया है । इसमें अस्पताल के दाे कर्मचारियाें की संलग्नता का अनुमान है । प्रहरी के केन्द्रीय अनुसन्धान ब्युरो (सिआइबी) द्वारा छानबीन जारी है ।
२० पुस ०७३ में म्याग्दी के बेनी नगरपालिका–११ के निवासी नवीन खत्री की किडनी निकालकर बेचा गया । गोरखा के शम्भुलाल श्रेष्ठ काे उनकी किडनी प्रत्यारोपण की गई थी । कागजी प्रक्रिया पूरा करने के लिए दलाल ने खत्री की नकली नागरिकता बनाया था ।
पोखरा में घर निर्माण का काम करने वाले खत्री काे स्थानीय नारायण जिसी ने एक सेब (मिर्गौला) देने पर १० लाख नगद, ऋण में गाडी अाैर जागिर उपलब्ध कराने का आश्वासन देकर काठमाडौं लाया था । जिसी ने उसे भक्तपुर के प्रकाश बस्नेत काे साैंप दिया । जहाँ उसकी मुलाकात प्रत्यारोपण करने वाले शम्भुलाल से हुई । किडनी निकालने से पहले चार महीना खत्री वही रहा । पर जब शर्त के अनुसार रकम नहीं मिला है तब खत्री ने यह बात सामने लाई है ।
अप्रेसन के बाद तस्कर श्रेष्ठ ने नवीन काे एक लाख २५ हजार रुपैयाँ दिया था । सहमति के अनुसार पैसा नहीं मिलने पर खत्री ने मिडिया में जाने की चेतावनी दी ताे उसे खत्री ने पुनः पाँच लाख दिया। पर जब पूरी शर्त नहीं मानी गई ताे यह पूरा वाकया सामने अाया है ।


