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डॉ. राजेश ने पहले गोल्फ स्टिक से आरुषि-हेमराज की पिटाई की। जब दोनों बेहोश हो गए तो सर्जिकल ब्लेड से उनका गला काट दिया।

 

गाजियाबाद. बहुचर्चित आरुषि-हेमराज मर्डर केस में नोएडा के डेंटिस्ट दंपती डॉ. राजेश और नूपुर तलवार के खिलाफ आरोप तय हो गए हैं। सीबीआई की विशेष अदालत ने आरुषि के पिता राजेश तलवार और मां नुपुर तलवार पर शुक्रवार से मुकदमा चलाने का हुक्‍म दिया। तलवार दंपति पर हत्‍या के अलावा जांच एजेंसियों व कोर्ट को गुमराह करने, सबूत छिपाने और इन्‍हें नष्‍ट करने के आरोप में मुकदमा चलेगा।

अदालत ने तलवार दंपति के खिलाफ आईपीसी की धारा 302/24 और 203 के तहत मुकदमा चलाने का आदेश दिया। यदि आरोप सही पाए गए तो तलवार दंपत्ति को फांसी तक हो सकती है।

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‘बेटी-नौकर को मार डाला’
सीबीआई के विशेष जज श्याम लाल ने बुधवार को इस संबंध में फैसला सुरक्षित रख लिया था। अदालत में सीबीआई के वकील आर के सैनी ने तर्क दिया कि तलवार दंपती ने ही अपनी बेटी आरुषि का कत्ल किया है। इसके बाद उन्होंने घरेलू नौकर हेमराज को भी मार दिया। फिर मौका-ए-वारदात से सबूत नष्ट किए।

सैनी ने दलील दी कि आरुषि और हेमराज को अपनी बेटी के बेडरूम में डॉ. राजेश और नूपुर ने आपत्तिजनक स्थिति में देखा था। इससे राजेश ने आपा खो दिया। सैनी के मुताबिक डॉ. राजेश ने पहले गोल्फ स्टिक से आरुषि-हेमराज की पिटाई की। जब दोनों बेहोश हो गए तो सर्जिकल ब्लेड से उनका गला काट दिया।

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दूसरी तरफ बचाव पक्ष के वकील ने सीबीआई के आरोपों को बेबुनियाद बताया। उनके मुताबिक आरोपों की पुष्टि के लिए सीबीआई के पास कोई सबूत नहीं हैं। आरुषि-हेमराज की हत्या 15-16 मई 2008 को हुई थी।Source: dainikbhaskar.com

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