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शी चिनफिंग बने दूसरी बार राष्ट्रपति माअाे के समान मिला स्थान

 

बीजिंग, प्रेट्र/रायटर।

चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग माओत्से तुंग के बाद अपने देश के सबसे शक्तिशाली नेता के रूप में स्थापित हो गए हैं। चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) ने बुधवार को राष्ट्रपति के रूप में चिनफिंग के पांच साल के दूसरे कार्यकाल की पुष्टि कर दी है। साथ ही पार्टी संविधान में चिनफिंग का नाम और उनके सिद्धांत को शामिल कर लिया है। इस तरह उनका दर्जा बढ़ाकर पार्टी के संस्थापक माओ और उनके उत्तराधिकारी डेंग शियाओपिंग के बराबर कर गया दिया है।

पांच साल पर होने वाले कम्युनिस्ट पार्टी के सम्मेलन के अंत में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर पार्टी संविधान में चिनफिंग की अवधारणा ‘नए युग के लिए चीन की विशेषताओं के साथ समाजवाद’ को शामिल किया गया। अब तक माओ और डेंग के नाम और सिद्धांत ही पार्टी संविधान में शामिल थे। इससे पहले पद पर रहते हुए केवल माओ का नाम ही संविधान में शामिल किया गया था, जबकि डेंग का नाम उनकी मृत्यु के बाद 1997 में शामिल किया गया। पूर्व चीनी नेताओं हू जिंताओ और जियांग जेमिन के सिद्धांत इसमें शामिल किए गए, लेकिन उनका नाम शामिल नहीं किया गया।

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पार्टी सम्मेलन के समापन पर प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए चिनफिंग ने कहा कि चीन और चीन के लोगों के सामने महान और उज्ज्वल भविष्य है। इस महान क्षण में हम ज्यादा आत्मविश्वास और गर्व महसूस करते हैं। साथ ही हममें जिम्मेदारी की भावना भी है। पार्टी सम्मेलन में हिस्सा लेने वाले करीब 2,300 प्रतिनिधियों ने चिनफिंग के दूसरे कार्यकाल की पुष्टि करने साथ नए नेताओं की नियुक्ति की। आगामी पांच वर्षों के लिए पार्टी का नेतृत्व करने वाले केंद्रीय समिति का चुनाव किया गया।

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केंद्रीय समिति बुधवार को अपने पहले पूर्ण अधिवेशन में चीन में शासन करने वाली शीर्ष परिषद पोलित ब्यूरो, पोलित ब्यूरो की स्थायी समिति और महासचिव का चुनाव करेगी। केंद्रीय समिति में चिनफिंग के करीबी और भ्रष्टाचार विरोधी अभियान में प्रमुख निभाने वाले स्थायी समिति के मौजूदा सदस्य वांग किशान को शामिल नहीं किया। इसका मतलब है कि उन्हें स्थायी समिति में भी स्थान नहीं मिलेगा। चिनफिंग और प्रधानमंत्री ली कछयांग पार्टी में शीर्ष पहले और दूसरे स्थान पर बने रहेंगे। देश का शासन संभालने वाली सात सदस्यीय स्थायी समिति के पांच नए सदस्यों को चुना जाएगा। बुधवार को मीडिया के समक्ष नई स्थायी समिति की औपचारिक घोषणा की जाएगी।

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इस तरह आगे बढ़े चिनफिंग

चिनफिंग का जन्म 15 जून 1953 को हुआ। वह 1974 में चीन की कम्युनिस्ट पार्टी में शामिल हुए। वह 2008 से 2013 तक उपराष्ट्रपति रहे। 2012 के अंत में पार्टी नेतृत्व संभालने के बाद चिनफिंग ने धीरे-धीरे अपनी स्थिति मजबूत कर ली। 2013 में वह चीन के सातवें राष्ट्रपति बने। 2016 में पार्टी ने चिनफिंग का रूतबा मजबूत करते हुए उन्हें प्रमुख नेता की उपाधि दी थी। अभी वह चीन के सबसे शक्तिशाली नेता हैं। वह पार्टी, शासन और सेना तीनों का नेतृत्व करते हैं।

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