चीन का शहर खासा – देह व्यपार का केन्द्र , दो लडकियाँ भागकर जान बचायी
चीन का शहर खासा नेपालियों को सस्ता समान बेचकर लुभाने का काम करती आयी है । लेकिन इसके पीछे हो रही गोरख धन्दा का रहष्य का पर्दाफास तव हुआ जब नेपाल की दो युवतियाँ वहाँ से भागने मे सफल हुई । दो लडकियाँ ने काठमाण्डू मे माइति नेपाल संस्था व्दारा आयोजित पत्रकार सम्मेलन मे अपनी दास्तान वतायी । अच्छी नोकरी देने के लालच मे मानव तस्करों ने इन्हे खासा वजार मे ले जाकर देह व्पार करने को मजवूर कर दिया ।
१५ वर्ष की एक लडकी जिसका घर काभ्रे है ,बता रही थी कि इसको एक वैकल्पिक मार्ग १० किलो क्रोशिंग होकर सिन्धुपाल चोक के सुनकोशी नदी को पर कराके खासा पहुँचाया गया था । माइति नेपाल ने इन देहव्यपार तस्करों का नाम असिम तामांङ और करिस्मा तामाङ वताया है । माइति नेपाल ने वचाउ के तहत सीमा पर पहुँच कर इन लडकियों का उद्धार का काम किया । इन लडकियों को मामफली झुपा डान्स वार से सीमावर्ति क्षेत्र मे आने मे तीन दिन की बहुत ही कठिन और दर्दनाक यात्रा करनी परी । इनके पुरा शरिर लहुलिधियान है जिसका ईलाज माइति नेपाल मे हो रहा है । इनके अनुसार १०००० रुप्ये का लालच देकर नोकरी देने के बदला इनका योन शोषण किया जारहा था । १७ वर्ष की एक लडकी जो की तीलगंगा मे है, असिम के पास नकली नागरिकता प्रमाणपत्र है जिससे कि उसे खासा आने जाने मे आसानी होती है । यह लडकी इससे पहले तीन वार भागने का प्रयाश की जो की व्यर्थ हुइ । माइति नेपाल के कर्यकारी नेर्देशक अनुराधा कोइराला के अनुसार इन देह व्यपार तस्करों पर मुद्दा चलाने की बात हो रही है । इस विच संस्था ने सात सदस्यीय लोगों को नेपाल-चिन सीमा पर तैनात करने का निर्णय किया है जो कि मानविय बेच बिक्री पर निगारानी वरतेगी ।

