Tue. Sep 1st, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

नेपाल भारत मैत्री समाज द्वारा विद्यालय को विज्ञान प्रयोगशाला हस्तान्तरण

 

लिलानाथ गौतम/काठमांडू, २४ फरवरी ।

नेपाल भारत मैत्री समाज ने नुवाकोट स्थित ओखरपौवा माध्यममिक विद्यालय को विज्ञान प्रयोगशाला के लिए आवश्यक प्राविधिक सहयोग तथा प्रोजेक्टर हस्तान्तरण किया है । विद्यालय की ६०वें वार्षिकोत्सव की अवसर में शुक्रबार आयोजित एक विशेष कार्यक्रम मार्फत उक्त सहयोग हस्तान्तरण किया गया ।


कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए प्रमुख अतिथि भारतीय राजदूतावास के डीसीएम डा. अजय कुमार ने कहा कि विद्यालय में निर्मित विज्ञान प्रयोगशाला के जरिए यहां के विद्यार्थी विज्ञान–प्रविधि के बारे में अपनी ज्ञान बढ़ा सकते हैं । उन्होंने कहा– ‘मुझे विश्वास है कि विद्यार्थियों की भविष्य निर्माण के लिए यह प्रयोगशाला काम आएगी । यह हमारी ओर से एक थोड़ा–सा सहयोग है ।’ प्रयोगशाला निर्माण में सहयोग करनेवाले संस्था नेपाल भारत मैत्री समाज को भी धन्यवाद देते हुए डीसीए डा. अजय कुमार ने अपनी व्यक्तिगत तथा भारती राजदूत मंजीव सिंह पुरी एवं भारतीय राजदूतावास की ओर से विद्यालय की उत्तरोत्तर प्रगति के लिए शुभकामना व्यक्त किया ।


कार्यक्रम के विशेष अतिथि नेपाल भारत मैत्री समाज के अध्यक्ष प्रेम लस्करी ने कहा कि इस विद्यालय में निर्मित विज्ञान प्रयोगशाला के जरिए विद्यार्थी अपने ज्ञान को परिस्कृत कर सकते हैं । प्रयोगशाला निर्माण के लिए सहयोग करनेवाले अन्य संघ–संस्था को धन्यवाद देते अध्यक्ष लस्करी ने कहा– ‘इस तरह का सहयोग से मुझे खुशी हो रही है, मुझे विश्वास है, विद्यालय के शिक्षक और विद्यार्थी प्रयोगशाला को सही सदुपयोग कर अपनी ज्ञान वृद्धि कर पाएंगे ।’

यह भी पढें   ब्रेकिंग न्यूज़: नेपाल ने रचा इतिहास, अंतरिक्ष कार्यक्रम के तहत हाइब्रिड रॉकेट 'गरुड़' का सफल परीक्षण


इसीतरह कार्यक्रम में नेपाल भारत लाइबेरी की ओर से विद्यालय को कुछ पुस्तकें भी सहयोग स्वरुप हस्तान्तरण किया गया है । लाइबेरी प्रमुख महेश शर्मा ने विद्यालय के प्राध्यानाध्यापक पुष्प मानन्धर को ६१ पुस्तक सहयोग स्वरुप प्रदान किया । पुस्तक प्रदान करते हुए शर्मा ने कहा– ‘शिक्षा ही विद्यार्थी को स्वावलम्बी बनाती है । स्वावलम्बी, अनुशासित और दक्ष विद्यार्थी निर्माण के लिए पुस्तक ही काम आएगी है । इसीलिए नेपाल भारत लाइबेरी की ओर से ६१ पुस्तक विद्यालय को दिया गया ।’ उनका यह भी कहना है कि अगर भविष्य में और भी पुस्तक आवश्यक है तो लाइबेरी सहयोग के लिए तैयार है ।


कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए नेपाली कांग्रेस के नेता तथा पूर्व अर्थमंत्री डा. रामशरण महत ने कहा कि आज का युग सूचना–संचार और प्रविधि का है । उन्होंने आगे कहा– ‘यही प्राविधिक सहयोग के लिए नेपाल भारत मैत्री समाज ने विद्यालय में विज्ञान प्रयोगशाला बनाया है ।’ नेपाल–भारत बीच सदियों से जारी मैत्री संबंध पर चर्चा करते हुए डा. महत ने कहा कि नुवाकोट जिला और भारत बीच भी विशेष संबंध हैं । उनके अनुसार त्रिशुली हाइड्रो प्रजेक्ट से लेकर नुवाकोट जिला में निर्मित कई योजनाएं भारतीय सहयोग से संचालित है ।

यह भी पढें   तबाही पर चीन का 'डबल गेम': चीनी विदेश मंत्रालय ने नेपाल पर ही मढ़ा दोष, ड्रैगन द्वारा विरोधाभासी बयान?


कार्यक्रम कें दूसरे अतिथि तथा नुवाकोट जिला के जिला न्यायाधिश लोप्चन साह ने कहा कि दक्ष विद्यार्थी और जनशक्ति के लिए विज्ञान का ज्ञान होना जारुरी है । उन्होंने आगे कहा– ‘इसी ज्ञान के लिए विद्यालय में प्रयोगशाला निर्माण की गई । इस सहयोग के लिए भरत, भारतीय दूतावास और नेपाल भारत मैत्री समाज के अध्यक्ष लस्करी प्रति मैं कृतज्ञता प्रकट करता हूं ।’ शिक्षा को राजनीति से दूर रखने के लिए आग्रह करते हुए न्यायाधीश साह ने आगे कहा– ‘शिक्षक और विद्यार्थी दोनों राजनीति से अलग रहना चाहिए । शिक्षक नेता और विद्यार्थी कार्यकर्ता जब तक रहेंगे, तब तक गुणस्तरी शिक्षा भी सम्भव नहीं है ।’


कार्यक्रम में विद्यालय व्यवस्थापन समिति के पूर्व अध्यक्ष नरेन्द्र फुयाल ने विद्यालय की प्रगति विवरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि यह विद्यालय विभिन्न दाताओं की सहयोग से ही आगे बढ़ रहा है । उनके अनुसार बोधनाथ प्रतिष्ठान, केयर एण्ड फेयर, राउण्ड टेबल नेपाल जैसे विभिन्न संघसंस्था और अन्य समाजसेवी व्यक्तियों की सहयोग, विद्यालय संचालन और गुणस्तरीय शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रही है ।

यह भी पढें   अर्थमंत्री स्वर्णिम वाग्ले के अनुमान पर राकेश मिश्रा का गम्भीर सवाल, कहा-‘पहले लोगों को बचाइए, पुनर्निर्माण का बिल बाद में बनाइए’


इसीतरह विद्यालय संचालन के लिए आवश्यक सहयोग में सक्रिय शिक्षासेवी तथा समाजसेवी केशव फुयाल ने कहा कि विद्यालय के लिए आवश्यक भौतिक पूर्वाधार जुटाने के लिए डा. सुन्दरमणि दीक्षित ने भी सहयोग किया है, जो अविष्मरणीय हैं । लगभग एक साल पहले उन्होंने डा. दीक्षित को उक्त विद्यालय ले जाकर सहयोग के लिए आग्रह किया था । उसके बाद डा. दीक्षित ने ही विभिन्न दाताओं से आग्रह कर विद्यालय के लिए सहयोग इकठ्ठा किया है ।


कार्यक्रम में विभिन्न समाजसेवी, शिक्षासेवी तथा विद्यालय के उत्कृष्ट विद्यार्थियों को प्रमुख अतिथि एवं अन्य अतिथियों की ओर से सम्मान भी किया गया । इस तरह सम्मानित होनेवालों में व्यावसायी तथा समाजसेवी लक्ष्मण श्रेष्ठ, विद्यालय व्यवस्थापन समिति के पूर्व अध्यक्ष बलराम फुयाल, पूर्व गाविस अध्यक्ष जीतबहादुर बलामी लगायत विद्यालय को सहयोग करनेवाले व्यक्तित्व थे । कार्यक्रम में स्कूल के विद्यार्र्थी भाई–बहनों ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर अभिभावक तथा आगन्तुकों को मनोरञ्जन भी प्रदान किया ।

 

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com