विदा कटौती के विरुद्ध नेपाल विश्व हिन्दू महासंघ
काठमांडू, २ अप्रिल । नेपाल विश्व हिन्दू महासंघ ने सरकारी विदा कटौती संबंधी सरकारी निर्णय को विरोध किया है । आइतबार एक पत्रकार सम्मेलन कर महासंघ ने कहा है कि हिन्दू धर्मवलम्बी को प्राप्त विदा में सरकार ने जो कटौती किया, उक्त निर्णय वापस होना चाहिए । महासंघ ने यह भी कहा है कि गाय की मांस संबंधी अभी जो विवाद हो रहा है, वह विल्कुल स्वीकार्य नहीं है । महासंघका मानना नेपाल में गाय कटाना अपराध है । इसलिए प्रदेश नंं ३ की उपसभामुख राधिका तामांग को माफी मांगने के लिए महासंघ ने आग्रह किया है ।

कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए महासंघ के संस्थापक अध्यक्ष डा. केदारनाथ दाहाल ने कहा कि पाँच हजार साल से जारी सनातन हिन्दू धर्म के ऊपर प्रहार हो रहा है । उनका कहना है– कोई भी देश धर्म निरपेक्ष नहीं हो सकता, इसीलिए ८४ प्रतिशत हिन्दूओं को सम्मान कर नेपालको पुनः हिन्दू राष्ट्र घोषण करना चाहिए, नहीं तो महासंघ का आन्दोलन जारी रहेगा ।
इसीतरह महांसघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष विजयप्रकाश निषाद ने सरकारी विदा कटौती संबंधी निर्णय को विरोध करते हुए कहा– ‘अर्थतन्त्र और विकास की नाम पर विदा कटौती किया है । एक बात स्मरण में रखना चाहिए कि चीन तथा हङकङ जैसे देशों में भी सरकारी विदा बढ़या गया, लेकिन उस देश में आर्थिक वृद्धिदर कमजोर नहीं है ।’ उपाध्यक्ष निषाद का मानाना है कि हिन्दू धर्मवलम्बी के महत्वपूर्ण विदा कटौती कर सरकार ने हिन्दूओं की आस्था के ऊपर भी प्रहार किया है । उन्होंने कहा– ‘कभी गाय काटकर खाने की बात होती है । कभी सरकारी विदा कटौती किया जाता है । गाय हमारी मता है, इनका पूजा करना चाहिए । गाय माता ३३ कोटी भगवान है । लेकिन इसके विरुद्ध बोलनेवाले राधिका तामाङ के संबंध में सरकारी की आधिकारिक धारणा क्या है, इसके बारे में अभी तक कुछ भी पता नहीं है ।’ निषाद् ने चेतावनी दिया है कि सरकारी निर्णय वापस नहीं होगा तो नेपाल विश्व हिन्दू महासंघ कडा आन्दोलन में उतर आएगी ।

