नेता, शिक्षक और कर्मचारियों के सन्तानों को निजी स्कूलों में प्रतिबंध
सिन्धुपाल्चोक, १९ अप्रिल । हमारे नेता लोग क्रान्तिकारी भाषण के लिए हरदम आगे रहते हैं । शिक्षा के बारे में भी बोलने के लिए अगर उन को माइक मिल जाता है तो क्रान्तिकारी भाषण करते हैं । कहते हैं कि हर नागरिक को समान शिक्षा मिलनी चाहिए, सरकारी शिक्षा की गुणस्तर में वृद्धि की जाएगी । लेकिन वही नेता अपने सन्तान को महंगे–महंगे स्कुल में भर्ती करते हैं और जहां जनता की बाल–बच्चे पढ़ते हैं, वहां जा कर राजनीति करते हैं । पिछली बार नेताओं की ऐसी चरित्र के बारे में काफी आलोचना शुरु होने लगा है । लोग कहने लगे हैं कि जो नेता अपने सन्तान को निजी स्कुलों पढ़ाते हैं, उन लागों को भोट देना नहीं है ।
ऐसी ही अवस्था में सिन्धुपाल्चोक जिला स्थिति एक नगरपालिका ने एक नमूना निर्णय किया है । चौतारा साँगाचोकगढी नगरपालिका ने निर्णय किया है कि नगर के भीतर रहनेवाले हर राजनीतिकर्मी, शिक्षक तथा कर्मचारियों ने अपने सन्तानों को सरकारी स्कुलों में ही भर्ती करना जरुरी है । नगरपालिका ने कहा है कि ऐसे लोगों के सन्तान को निजी विद्यालयों में भर्ती करने की अधिकार नहीं है । नगर शिक्षा समिति कि सिफारिश में नगरपालिका ने इसी शैक्षिक सत्र से यह नियम लागू किया है । नगरपालिका ने कहा है– ‘नगर के भीतर रहनेवाले राजनीतिकर्मी, शिक्षक और सरकारी कर्मचारी अपने सन्तान को अनिवार्य सरकारी स्कुल में ही भर्ती करें ।’
नगरपालिका ने कहा है कि सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में बहुत बड़ा निमेश किया है, लेकिन सामुदायिक विद्यालयों की अवस्था कमजोर है । इसी तथ्य को मध्यनजर करते हुए सामुदायिक विद्यालयों की शैक्षिक गुणस्तर वृद्धि के लिए नगरपालिका ने यह निर्णय किया है ।

