माँ बेटी का सवाल- जवाब ???
मैने बेटी बन जन्म लिया ,
मोहे क्यों जन्म दिया मेरी माँ
जब तू ही अधूरी सी थी !!!
तो क्यों अधूरी सी एक आह को जन्म दीया….
मै कांच की एक मूरत जो पल भर मै टूट जाये,
मै साफ सा एक पन्ना जिस् पर पल मे दाग नजर आये,
क्यों ऐसे जग में जनम दिया , मोहे क्यों जनम दिया मेरी माँ ,
क्यों उंगली उठे मेरी तरफ ही, क्यों लोग ताने मुझे ही दें ,
मै जित्ना आगे बढ़ना चाहू क्यों लोग मुझे पिछे खीचे!
क्यों ताने मे सुनती हू माँ,मोहे क्यों जन्म दीया मेरी माँ????
अब माँ क्या जवाब देती है देखें जरा….
ओस कि बूंदों की तरह होती है बेटियां ,
माँ बाप की दुलारी होती है बेटियां ,
जान से प्यारी होती है बेटियां ,
माँ बाप के दर्द में हमदर्द होती हैं बेटियां ,
रौशन करेगा बेटा तो बस एक ही कुल को
२ – २ कुल की लाज होती हैं बेटियां ,
हीरा है अगर बेटा तो सच्चा मोती है बेटियां
काँटों की राह पर चलती हैं बेटियां ,
औरो की राह में फूल बिछाती हैं बेटियां ,
कहने को परायी अमानत हैं बेटियां ,
पर बेटों से भी अपनी होती हैं बेटियां ,
माँ बाप की दुलारी होती है बेटियां ,
जान से प्यारी होती है बेटियां ,
माँ बाप के दर्द में हमदर्द होती हैं बेटियां ,
रौशन करेगा बेटा तो बस एक ही कुल को
२ – २ कुल की लाज होती हैं बेटियां ,
हीरा है अगर बेटा तो सच्चा मोती है बेटियां
काँटों की राह पर चलती हैं बेटियां ,
औरो की राह में फूल बिछाती हैं बेटियां ,
कहने को परायी अमानत हैं बेटियां ,
पर बेटों से भी अपनी होती हैं बेटियां ,
:-written by Chandan Rathore



