बेरहम माँ बाप के कारण बेकसुर बच्ची का जीवन संकट में, मानवता शर्मसार
मनोज बनैता, लहान, १८ बैशाख ।

माँ अाैर बाप के रंगीन मिजाज ने एक नाबालिक लडकी काे दर दर की ठाेकर खाने पर मजबूर कर दिया है । लाहान के सडक मे ईधर उधर भटकती ८ वर्षिया सम्झना परियार अपने ही माँ अाैर बाप की वजह से भीख मांगने को है मजबूर । उनके पिता कुछ वर्ष पहले दुसरी शादी कर लाहान से बाहर रहने लगे । बाप के लाड प्यार की प्यासी सम्झना और उनके छोटे छोटे भाइ बहन अपने माँ के संग बालपन बिताने लगे पर उस मासुमाें काे क्या मालुम था कि उनके माँ ने भी खुद के लिए एक अलग सेटिंग कर ली है । बस अाैर क्या होना था एक दिन ऐसा अाया जब उस पत्थर दिल माँ भी अपने बच्चे को छोड अपने जीवन रंगीन करने के लिए दूसरे लडके के साथ भाग गयी । उनकी बेटी सम्झना परियार अपने दो वक्त की रोटी जुगाड करने के लिए लहान ७ स्थित बजार मे माग्ते हुवे राममन्दिर के आगे बेहोश होकर गिर गयी । बेहोश बालिका को स्थानीय ललिता दास और सुचित्रा यादव मिलकर अस्पताल ले गए । ललिता दास के अनुसार बालिका इससे पहले छत से गिरी थी जिसमे उनके सिर और मुंह मे गम्भीर चोट आयी है । बालिका परियार के घाव मे कीडा भी लगा था । उपचार के बाद ललिता और सुचित्रा ने उस नाबालिक लडकी को लाहान पुलिस के जिम्मे लगाया था । बाद में पुलिस ने उस लडकी को लाहान ५ स्थित उनके दादी को जिम्मा लगाया । हाल सम्झना परियार, उसका एक ५ वर्ष का बहन अाैर एक २.५ वर्ष का भाई अपने दादी के सँग रह रहा है । वृद्ध दादी खुद भी गरीबी से जुझ रही है ।

