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बाह्य पुँजी के बिना विकास असम्भवः डा. भट्टराई

 

काठमांडू, २४ मई । पूर्वप्रधानमन्त्री तथा नयाँ शक्ति पार्टी के संयोजक डा. बाबुराम भट्टराई ने कहा है कि बाह्य पुँजी के बिना नेपाल में विकास सम्भव नहीं है । सरकार की नीति तथा कार्यक्रम के ऊपर बिहीबार संसद में टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि नीति तथा कार्यक्रम अत्यन्त सुन्दर है । अब सुस्त गति से नहीं, तीब्र गति से आगे बढ़ना है, इसका संकेत नीति तथा कार्यक्रम में है ।’ अपनी कार्यकाल में भारत के साथ की गई विप्पा सम्झौता को सही निर्णय बताते हुए डा. भट्टराई ने कहा कि अब उसका कपिराइट अत्य हो गया है, नयां सम्झौता के साथ सरकार को आगे बढ़ना होगा ।
भूराजनीतिक सन्तुलन और बाह्य पुँजी पर जोर देते हुए डा. भट्टराई ने कहा– ‘इसका संकेत तो हैं लेकिन खुला रुप में नहीं कहा गया है । बाह्य पँुजी की स्वागत और संरक्षण किए बिना नेपाल में विकास सम्भव नहीं है । राष्ट्रीय हित के लिए पुँजी का निवेश और वस्तुओं का निर्यात करना ही होगा, अर्थात् विप्पा सम्झौता करना ही चाहिए ।’ डा. भट्टराई का मानना है कि विप्पा सम्झौता से डर ने की कोई जरुरत नहीं है । उन्होंने कहा– ‘अगर यह तो बाबुराम भट्टराई ने अपनी कार्यकाल में लाया है, सरकार को ऐसा लगता है तो उसमें मेरी कोई भी कपिराईट नहीं है । मैं इसी मञ्च से उसमें मेरी कपिराइट अन्त होने की घोषणा करता हूँ ।’
डा. भट्टराई ने यह भी कहा कि दो अंक की आर्थिक वृद्धिदर हासिल करना है तो २५ अर्ब खर्च करने की जरुरत है, जो सिर्फ आन्तरिक स्रोत से सम्भव नहीं है । उन्होंने कहा– ‘कम्युनिष्ट कहा गया है, जहाँ कम्युनिष्ट शब्द आती है, उहां सोचा जाता है कि बाह्य पुँजी नहीं लाया जाता, कल तक साम्राज्यवादी पुँजी का विरोध हो रहा था अब तो अपने द्वारा तैयार खाई में खूद गिरेनी की तैयारियां होती है ।’ उनका यह भी मानना है कि विकास के लिए कर्मचारी प्रशासन में भी परिवर्तन आवश्यक है ।

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