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नेपाल के सप्तकोशी से भारत की गंगा नदी तक कार्गाे ट्राफिक निकट भविष्य में शुुरु होगी : राजदुत मंजिवसिंह पुरी

 

हेमशंकर सिंह,राजविराज । नेपाल स्थित भारतीय राजदुत श्री मंजिव सिंह पुरी ने कहा है कि नेपाल और  भारत का सम्बन्ध केवल सामाजिक सम्बन्ध नही है इसे आर्थिक सम्बन्ध से भी जोडकर देखा जाना चाहिए | वे आज सप्तरी के सदरमुकाम राजविराज में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में बोल्र रहे थें |

हनुमान नगर जेलकाण्ड की ७५ वाँ स्मृति दिवस के अवसर पर  आयोजित नेपाल में प्रजातन्त्र के सघर्ष में लोकनायक जयप्रकाश नारायण की देन बिषयक बिचार गोष्ठी को सम्बोधन करते हुये राजदुत पुरी ने यह बात कही ।

उन्होंने कहा कि “पौराणिक काल की नेपाल के मिथिला और भारत का अवध के साथ का सम्बन्ध बरकरार है तथा  वर्तमान में दोनों देशों के बीच रोटी-बेटी का सम्बन्ध भी अटूट है |  उनके अनुसार इन सामाजिक सम्बन्धों के अतिरिक्त दोनों देशों के बीच सम्बन्ध कैसे बढाया जाय वह विषय महत्वपूर्ण है |

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राजदुत पुरी ने कहा कि दोनों देशों के बीच सम्बन्ध बढाने के लिए आर्थिक ब्यापार के साथ साथ दोनों देशों के बीच कारोबार और ब्यवसाय को भी आगे बढाना पड़ेगा | नेपाल के बिकास पर भारत का विकास और भारत के विकास पर नेपाल का विकास र्निभर करता है और इसके लिये ब्यापार,यातायात और संचार के विकास पर जोड देने की बात उन्होंने कही |

नेपाल के सप्तकोशी नदी से भारत की गंगा नदी तक कार्गाे ट्राफिक निकट भविष्य में ही शुुरु होने की बात राजदुत पुरी ने जानकारी कराई | राजदुत पुरी ने बताया की इससे कलकता से आनेवाली मालसामान का चाप घटेगा और इससे इस क्षेत्र के र्वतमानऔर भावी पीढी भी लाभान्वित होगें ।

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भारतीय स्वतन्त्रता आन्दोलन में सप्तरीबासी द्वारा दिए गए योगदान काे भारत के स्वतन्त्रता आन्दोलन के ईतिहास में स्वर्ण अक्षर में लिखा गया है  राजदूत पुरी ने कहा कि “१०४ वर्ष का राणा शासन में पहलीबार हनुमाननगर जेल तोडते वक्त गोली चली थी और तब भारत स्वतन्त्र हुआ था और आज मै उसी स्वतन्त्र भारत का राजदुत के रुप में यहाँ उपस्थित हूँ” ।

उक्त कार्यक्रम में ने. वि. संघ के संस्थापक अध्यक्ष देवेन्द्र नेपाली ने कहा कि सन १९४७ के महात्मा गान्धी के नेतृत्व में भारत छोड़ो आन्दोलन का प्रभाव विश्वभर पडा है |  सप्तरी का हनुमाननगर जेल काण्ड नेपाल के ईतिहास में शसस्त्र क्रन्ति की शुरुआत के साथ साथ नेपाली प्रजातान्त्रिक आन्दोलन में महत्वपूर्ण भूमिका अदा किया है । उन्होंने यह भी कहा कि भारत छोड़ो आन्दोलन के वक्त वहाँ के  कम्यूनिष्ट उस आन्दोलन का विरोध कर रहे थे | एशिया को विश्व में पहला बनाना माक्र्सबाद से संभव नही है वह गांधी के अहिंसा के मार्ग से ही संभव हो सकता है देवेन्द्र नेपाली ने बताया |

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कार्यक्रम की अध्यक्षता हनुमाननगर जेलकाण्ड के सहभागी में से स्व.कृष्णवीर कामी के परपोता अर्जुन बिश्वकर्मा ने किया  ।

 

 

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