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बसाई व्यवस्थापन के लिए बाल विकास केन्द्र को राहत सामाग्री

 

नेपालगन्ज/(बांके) पवन जायसवाल ।
बांके जिला स्थित राप्ती सोनारी गावंपालिका के ५४ विद्यालय मातहत रहे ५६ बालविकास केन्द्र को बसाई व्यावस्थापन शैक्षिक गुणस्तर वृद्धि के लिए राहत सामाग्री हस्तान्तरण किया गया है । कोकाकोला फाउण्डेशन और सेभ द चिल्ड्रेन की आर्थिक सहयोग में बांके युनेस्को क्लब ने बाढ से प्रभावित बालबालिकाओं को शिक्षा में पहुंच कार्यक्रम अन्र्तगत बाल मैत्री बसाई व्यवस्थापन के लिए उक्त सामाग्रियां हस्तान्तरण किया है ।
युनेस्को क्लब के वरिष्ठ सल्लाहकार नीरज गौतम ने राप्ती सोनारी गावंपालिका में आयोजित एक कार्यक्रम में गावंपालिका तथा गावं शिक्षा समिति के अध्यक्ष लाहुराम थारु को उक्त सामाग्री हस्तान्तरण किया गया है । कार्यक्रम में गावंपालिका के अध्यक्ष लाहुराम थारु ने कहा कि प्राप्त सहयोग से प्रारम्भिक शिक्षा में अध्ययन करनेवाले छोटे–छोट बालबालिका लाभान्वित हुए है । उन्हों ने यह भी कहा कि ऐसी सहयोग से शिक्षा की गुणस्तर सुधार करने में मद्दत पहुंचती है ।

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गावं शिक्षा समिति के अध्यक्ष समेत रहें लाहुराम थारु ने कहा कि गावंँपालिका अन्तर्गत रहे विभिन्न विद्यालयों की अनुगमन भी की गई है । गुणस्तरीय शिक्षा, नियमित शिक्षक हाजिरी और बालबालिकाएं की सिखाई उपलब्धी वृद्धि करने के लिए जोर देते हुए अध्यक्ष थारु ने शिक्षकों को विशेष ध्यान पहुंचाने के लिए कहा ।
५६ बालविकास केन्द्र अन्र्तगत रहे २८ बालविकास केन्द्र को कार्पेट, ३२ बालविकास केन्द्र को पीफम और ५६ केन्द्र को कुशन करके कुल ९ लाख १६ हजार ५ सौ ४३ रुपैयां बराबर की सामाग्री सहयोग स्वरुप प्रदान की गई है । कार्यक्रम में सहभागी केन्द्र तथा विद्यालय की शिक्षक को उक्त सामाग्री प्रदान करनेवाले युनेस्को क्लब के कार्यकारी निर्देशक रवि तुलाधर ने इसके संबंध में जानकारी दिया है ।
तुलाधर के अनुसार जिला में बाढ प्रभावित बालबालिकाओं को गुणस्तर शिक्षा में पहुंच बढ़ाने के लिए परियोजना मार्फत गावंपालिका के विद्यालय और बालविकास केन्द्र को विभिन्न शैक्षिक सामाग्री प्रदान करने के अलवा ३६ विद्यालययों में मरम्त–सम्भार का काम भी किया गया । सेभ द चिल्ड्रेन के परियोजना संयोजक विजय विश्वकर्मा ने कहा कि परियोजना मार्फत सहयोग प्राप्त करनेवाले विद्यालयों कि शैक्षिक गुणस्तर में सुधार होने कि अपेक्षा की गई है ।

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