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कम अवधी में शैक्षिक गुणस्तर में सुधार

 

पवन जायसवाल, नेपालगन्ज (बांके)
बांके जिला स्थित राप्ती–सोनारी गावंपालिका में १५ हजार से अधिक बालबालिकाओं की शैक्षिक स्तर में सुधार आयो है । रिफाट इसिडब्लु सेभ द चिल्ड्रेन के सहकार्य में और बांके युनेस्को क्लब द्वारा संचालित बाढ़ प्रभावित बालबालिकाओं के लिए शैक्षिक सम्वद्र्धन कार्यक्रम अन्र्तगत किया गया सहयोग से समग्र शिक्षा की गुणस्तरीयता और प्रभावकारिता बढ गई है । परियोजना की समापन कार्यक्रम में संबंधी पक्ष ने इसकी जानकारी दी । कार्यक्रम राप्तीसोनारी गावंपालिका में में आयोजित था ।
युनेस्को क्लब के कार्यकारी निर्देशक रवि तुलाधर के अनुसार परियोजना संचालन होने के बाद विद्यालय की पुर्वाधार मरम्मत सम्भार, पीने पानी शौचालय की व्यवस्थापन ने विद्यार्थी संख्या में बृद्धि, दैवी प्रकोप व्यवस्थापन की बारे में सुरक्षित तथा पूर्व सूचना की बारे में ज्ञान, शिक्षकों कीे क्षमता में वृद्धि आदि क्षेत्रों में सुधार हुआ है ।

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राप्तीसोनारी गावंपालिका अन्र्तगत ५४ विद्यालयों है, जहाँ करीब रु. ५० लाख बराबर की विभिन्न सहयोग किया गया था । शैक्षिक सामाग्री वितरण, कक्षा कमरा तथा पीने की पानी व्यवस्थापन और शौचालय निमार्ण, कुसन, कारपेट लगायत सामाग्री सहयोग स्वरुप प्राप्त हुआ था । इसीतरह दैवी प्रकोप व्यवस्थापन न्युनीकरण के लिए पूर्व सूचना तथा सचेतना संबंधी अभ्यास भी सहयोग के दौरान की गई है ।
परियोजना समापन कार्यक्रम में बोलते हुए राप्तीसोनारी गावंपालिका के अध्यक्ष लाहुराम थारु ने कहा कि राज्य की ओर से होनेवाला काम गैरसरकारी संस्था ने किया, जो प्रशंसनीय है । थारु का यह भी कहना है कि सहयोग मिल जाता है तो आगमी दिनों में भी समन्वय करके काम करने के लिए गांवपालिका तैयार है । उन्हों ने कहा कि शिक्षा स्वास्थ्य, कृषि, सिंचाई लगायत क्षेत्र में ही सहयोग की अवाश्यकता है ।
कार्यक्रम में गावंपालिका उपाध्यक्ष धनकुमार खत्री ने कहा कि ने गावंपालिका द्वारा संचिालित विकास निमार्ण संबंधी कामों संस्थाओं की साझेदारी सकारात्मक है । कार्यक्रम में वडाध्यक्ष चन्द्रबहादुर वली, गंगाराम थारु, कान्छा थारु, रामलखन थारु ने भी अपनी–अपनी ओर से मन्तव्य रखते हुए कहा कि समुदाय में संचालित परियोजना की फायदा और उपलब्धी से समाज रुपान्तरण भी हो सकता है ।
कार्यक्रम में युनेस्का अध्यक्ष प्रबेज अली सिद्दिकी, वरिष्ठ सल्लाहकार नीरज गौतम, कार्यकारी निर्देशक रवि तुलाधर आदि लोगों ने भी परियोजना की बारे में अपनी–अपनी धारणा व्यक्त किया । कार्यक्रम के अवसर पर युनेस्को के वरिष्ठ कार्यक्रम संयोजक साजिद अली सिद्दिकी ने परियोजना कीे क्रियाकलाप, फाइदा, उपलब्धी, समस्या और चुनौती की बारे जानकारी दिया ।

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