हाफिज सईद ने लाहौर में डाला वोट, बलूचिस्तान में मतदान केंद्र के बाहर धमाका
इस्लामाबाद, रायटर। पाकिस्तान में नई सरकार चुनने के लिए कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान जारी है। इस बीच 26/11 मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद ने लाहौर के एक मतदान केंद्र में वोट डाला। हाफिस के वोट डालने के बाद बलूचिस्तान के क्वेटा में मतदान के दौरान एक जबरदस्त बम धमाका हुआ, जिसमें काफी लोगों की जान चली गई है। खबरों की मानें तो इस धमाके में 25 लोगों की जान चली गई है और 40 के करीब घायल हैं। चुनाव से पहले कराए गए कई सर्वे से जाहिर होता है कि इस बार का मुकाबला काफी दिलचस्प और नजदीकी है। क्रिकेटर से नेता बने इमरान खान और भ्रष्टाचार मामले में जेल की सजा काट रहे पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की पार्टियां एक-दूसरे को कड़ी टक्कर दे रही हैं। दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो के बेटे बिलावल के नेतृत्व वाली पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) इस मुकाबले में तीसरे स्थान पर पिछड़ती दिख रही है, लेकिन किसी भी दल को बहुमत नहीं मिलने की सूरत में उसकी भूमिका अहम हो सकती है। शाम छह बजे मतदान खत्म होते ही वोटों की गिनती शुरू हो जाएगी।
पाकिस्तान में राष्ट्रीय स्तर पर कराए गए हालिया चुनावी सर्वेक्षणों से यह संकेत मिलता है कि इमरान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआइ) और शरीफ की पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के बीच कड़ा मुकाबला है। एक सर्वे में पीएमएल-एन पर पीटीआइ भारी पड़ती दिख रही है तो दूसरे में शरीफ की पार्टी आगे चल रही है।
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पंजाब प्रांत को लेकर कराए गए एक अन्य सर्वे में शरीफ की पार्टी इमरान पर भारी दिख रही है। आइपीओआर की ओर से पंजाब में कराए गए सर्वे में 51 फीसद मतदाताओं ने पीएमएल-एन और महज 30 फीसद ने पीटीआइ के पक्ष में वोट देने की बात कही। ऐसा माना जाता है कि पंजाब जीतने वाली पार्टी ही पाकिस्तान की सत्ता पर राज करती है। पाकिस्तान की संसद के निचले सदन नेशनल असेंबली में सर्वाधिक 141 सीटें पंजाब से हैं।
सर्वे संस्था – पीएमएल-एन – पीटीआइ (वोट प्रतिशत)
गैलप पाकिस्तान – 26 – 25
पल्स कंसल्टेंट – 27 – 30
बिलावल बन सकते हैं किंगमेकर
सर्वे में 29 वर्षीय बिलावल की पार्टी पीपीपी पिछड़ती दिख रही है। पल्स कंसल्टेंट के सर्वे में उसे महज 17 फीसद वोट मिलते दिख रहे हैं। लेकिन कई विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिलने पर पीपीपी किंगमेकर बन सकती है।
बहुमत के लिए चाहिए 137 सीटें
नेशनल असेंबली 342 सदस्यीय है। इनमें से 272 सीटों के लिए सीधे चुनाव हो रहा है। बहुमत के लिए 137 सीटें जीतना जरूरी है। बाकी 70 सीटें महिलाओं और अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षित हैं। इन सीटों का आवंटन चुनाव में दलों को मिलने वाले वोटिंग प्रतिशत के आधार पर होता है।
2013 का आम चुनाव
पीएमएल-एन – 126
पीपीपी – 31
पीटीआइ – 27
पहली बार किसी दल ने पूरा किया कार्यकाल
पाकिस्तान में ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी दल ने सत्ता में पांच साल का कार्यकाल पूरा किया। 2013 में शरीफ की पार्टी पीएमएल-एन सत्ता में आई थी और उसने अपना कार्यकाल पूरा किया।


