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जानिए कब है, रक्षाबंधन, पुत्रदा एकादशी, नागपंचमी, हरियाली तीज, सूर्य ग्रहण, हरियाली अमावस्या

 
आचार्य राधाकान्त शास्त्री । बेतिया, 10 अगस्त 2018, श्रावण 25 गते शुक्रवार
हरियाली अमावस्या कल :-
शनिवार 11 अगस्त को अमावश्या होने से इसका विशेष महत्व है। सावन महीने की अमावस्या को हरियाली अमावस्या कहा जाता है। क्योंकि आज के पूजन अभिषेक से पितृ दोष , ऋण दोष,नजर दोष , कृत्या दोष एवम विष दोष से मुक्ति मिलती है एवं जीवन मे हरियाली आती है । इस पुरे महीने में मौसम भी बहुत सुहावना और मन को मोह लेने वाला होता है। जहाँ बादलों की अनूठी खूबसूरती देखने को मिलती है,वहीं धरती भी हरी चादर ओढ़कर खूब इठलाती है। सावन की अमावस्या को पूजन अर्चन से यही हरियाली प्रत्यक्षतः जीवन मे भी आती है ,  इसलिए इस अमावस्या को हरियाली अमावस्या कहा जाता है।
सूर्य ग्रहण (11 अगस्त 2018)
हरियाली अमावस्या को 2018 का तीसरा सूर्य ग्रहण पड़ रहा है। यह इस साल का अंतिम सूर्य ग्रहण होगा जिसके बाद इस साल कोई ग्रहण नहीं पड़ेगा। हालाँकि यह भारत में दिखाई नहीं देगा इसलिए इस ग्रहण का कोई प्रभाव नहीं होगा।
हरियाली तीज (13 अगस्त 2018)
हरियाली तीज हरियाली अमावस्या के ठीक 3 दिन बाद मनाई जाती है जब पूरी पृथ्वी हरी भरी हो जाती है। नव विवाहित महिलाओं के लिए इस तीज का बहुत खास महत्व होता है। इस तीज पर झूला झूलने का बड़ा खास महत्व होता है। बहुत से स्थानों पर इस तीज को बड़े पैमाने पर मनाया जाता है।
नाग पंचमी (15 अगस्त 2018)
नाग पंचमी के दिन महिलाएं नाग देवता की पूजा करतीं हैं और अपने भाइयों व् परिवारजनों की रक्षा के लिए प्रार्थना करती हैं। इस दिन भारत के अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग तरीकों से सर्पों का पारंपरिक पूजन किया जाता है।
पुत्रदा एकादशी (22 अगस्त 2018)
सावन की पुत्रदा एकादशी को भी बहुत लाभकारी माना जाता है। कहते है जो लोग पूरी श्रद्धा के साथ पुत्रदा एकादशी का व्रत रखते हैं उन्हें पुत्र रत्न की प्राप्ति होती है। इस दिन एकादशी व्रत कथा और विष्णु जी के सहस्त्र नाम सुनने से खास फल मिलता है।
रक्षाबंधन (26 अगस्त 2018)
रक्षा बंधन भाई बहन के प्रेम का पवित्र पर्व है जो सावन पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है और भाई बहन को जीवन भर रक्षा करने का वचन देता है।
श्रावणी पूजन अर्चन, अभिषेक, जप तप , आशीर्वाद प्रसाद आप सब को उत्तम आयु आरोग्यता, धन ,पुत्र ,विद्या ,नौकरी , व्यवसाय , सर्व साफल्यता, सर्वोन्नति , प्रसन्नता, सम्पन्नता, सम्पूर्ण सुख, एवं जीवन मे हरियाली  प्रदान करें ।
आचार्य राधाकान्त शास्त्री

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