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भारत में व्यभिचार अपराध नहीं । पत्नी, पति की संपत्ति नहीं व्यभिचार खराब शादीशुदा जिन्दगी का नतीजा ।

 

पाकिस्तान समेत एशिया के तीन देशों में व्यभिचार को अपराध माना जाता है। अमेरिका के 20 राज्यों में भी व्यभिचार पर प्रतिबंध है। भारत में सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को व्यभिचार से जुड़ी धारा 497 को खत्म कर दिया। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि पत्नी, पति की संपत्ति नहीं है। वह अपने फैसले करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुआई वाली पांच जजों की खंडपीठ ने कहा कि ऐसा कोई भी प्रावधान जो महिला के साथ असमानता का व्यवहार करता हो, उसे असंवैधानिक माना जाएगा।

चीफ जस्टिस ने अपने फैसले में कहा, “व्यभिचार को खराब शादीशुदा जिंदगी के लिए दोषी नहीं माना जा सकता। बल्कि यह शादी से खुशी न मिलने का नतीजा माना जा सकता है। व्यभिचार को तब तक अपराध नहीं माना जा सकता जब तक आईपीसी में धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) का अस्तित्व है।”

एशियाई देशों में व्यभिचार पर अलग-अलग कानून

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1) फिलीपींस: यहां पर व्यभिचार और उपपत्नी रखना अपराध माना जाता है। अगर पति यह साबित करने में सफल हो जाता है कि उसकी पत्नी का किसी अन्य पुरुष के साथ यौन संबंध है तो पत्नी और उसके पार्टनर को 6 साल की जेल हो सकती है। पति पर तभी केस चलेगा जब पत्नी साबित कर दे कि पति ने उसके साथ अपमानजनक स्थितियों में यौन संबंध स्थापित किया। इस स्थिति में पति को चार साल एक दिन की सजा हो सकती है।

 

2) पाकिस्तान: यहां भी व्यभिचार को अपराध माना जाता है। पाकिस्तान के एक विवादास्पद कानून के तहत कोई महिला व्यभिचार के आरोप से बचाव कर सकती है। इसके लिए महिला को चार लोगों को पेश करना होगा जो यह गवाही दे सकें कि उसके साथ दुष्कर्म हुआ।

 

3) ताइवान: यहां भी व्यभिचार अपराध है जिसमें एक साल की सजा हो सकती है। साथ ही दोनों दोषियों पर पेनाल्टी भी लगाई जा सकती है। ताइवान के एक कार्यकर्ता चेन यी-चिएन के मुताबिक, “अगर ताइवानी पुरुष पकड़ा जाता है तो वह अक्सर माफी मांग लेता है और पत्नियां आरोप वापस ले लेती हैं, क्योंकि अधिकांश घरों में पति ही घर चलाता है। लेकिन कुछ मामलों में महिलाओं को अदालत में भी घसीटा जाता है।”

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4) दक्षिण कोरिया: 2015 में दक्षिण कोरिया ने व्यभिचार को अपराध के दायरे बाहर कर दिया। जजों की खंडपीठ ने 7-2 की मेजॉरिटी से सुनाए फैसले में 1953 के प्रावधान को पलट दिया। इसमें कहा गया था कि स्पाउज (पति/पत्नी) से धोखा करने पर 3 साल की जेल हो सकती है। जज पार्क हान-चुल ने फैसले में कहा, “अगर व्यभिचार को अनैतिक मानकर उसकी निंदा भी की जाए तो भी सरकार को किसी की निजी जिंदगी में दखल देने का हक नहीं है।”

 

5) चीन: चीन में व्यभिचार अपराध नहीं है लेकिन वह तलाक का आधार हो सकता है। चीन के शादी कानून के आर्टिकल 46 के मुताबिक, केस दायर करने वाले व्यक्ति को उसी सूरत में मुआवजा मिल सकता है जब घरेलू हिंसा या विवाहेतर संबंधों को आधार बनाकर तलाक मांगा गया हो।

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अमेरिका के 20 राज्यों में अपराध
अमेरिका के 20 राज्यों में व्यभिचार अपराध की तरह माना जाता है। इसका दोषी पाए जाने पर नौकरी से निकाला जा सकता है या डिमोशन का सामना करना पड़ता है। साथ ही आरोपी पर कुछ प्रतिबंध, जुर्माना भी लगाया जा सकता है। वहीं, यूरोेपीय देशों और ऑस्ट्रेलिया में विवाहेतर संबंधों को अवैध नहीं माना जाता।

 

इस्लामिक कानून वाले देशों में यह स्थिति
सऊदी अरब और सोमालिया जैसे देशों में विवाहेतर संबंध (जिना) बनाने पर प्रतिबंध है। ऐसा करने पर जुर्माना, जेल, शारीरिक यातना और मृत्युदंड तक का प्रावधान है।

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