एक सुखद अवसर : राजेन्द्रसिंह रोडा
सन्दर्भ : नेपाल भारत साहित्यिक सम्मेलन 2018
हिमालिनी अंक सितम्बर २०१८ साहित्य महोत्सव आयोजन के लिए डा. विजय पण्डित, डा. श्वेता दीप्ति तथा जितने भी आयोजक समिति के सदस्य हैं, उन सब के लिए मैं हृदय से आभार व्यक्त करता हूं । ऐसी आयोजन दोनों मुल्कों की अवाम को आपस में जोड़ने का काम करती है, और एक दूसरे को नजदीक आने का मौका मिलता है । एक दूसरे को रहन सहन सम्झने का मौका मिलता है ।

नेपाल आने का मेरा पहला मौका है । हेटौडा, वीरगंज मैं जहां भी पहुँचा, वहां के लोग बहुत मिलनसार हैं, ऐसा महसूस किया । मैंने कुछ नेपाली साहित्य पढ़ा है, लेकिन मुझे भाषा का ज्यादा ज्ञान नहीं है । दोनों देशों का संस्कृति को जोड़ने का काम ऐसे आयोजन ही करते हैं । ऐसे महोत्सव होते रहने चाहिए ।






