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सरकार बनाने की कसरत में माओवादी और एमाले

 

राजनीतिक सहमति के आधार सरकार बनाने के लिए देश की दो प्रमुख राजनीतिक पार्टियां अपने अपने उम्मीद्वार के पक्ष में समर्थन जुटाने के लिए अन्य दलों से बातचीत में आज दिन भर व्यस्त दिखी। सरकार नेतृत्व का दावा करने वाली एकीकृत माओवादी और नेपाली कांग्रेस ने आज अपने दल के तरफ से उम्मीद्वार रहे नेता के पक्ष में समर्थन जुटाने के लिए एमाले और मधेशी मोर्चा से वार्ता की है।

माओवादी के उम्मीद्वार रहे डॉ बाबूराम भट्टराई के पक्ष में समर्थन जुटाने के लिए जहां माओवादी ने आज एमाले नेताओं से मिलकर आग्रह किया है वहीं कांग्रेस के तरफ से उम्मीद्वार बनाए गए शेर बहादुर देउवा के पक्ष में समर्थन मांगते हुए मधेशी मोर्चा के नेताओं से मुलाकात की जाने की खबर है।

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इसी बीच आज ही सरकार का नेतृत्व कर रही दोनों ही पार्टियों ने एक दूसरे से बातचीत कर सरकार नेतृत्व पर अपना अपना दावा कायम रखा है। माओवादी और कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के बीच बातचीत के दौरान दोनों ही पार्टियां इस बात पर सहमत हैं कि राष्ट्रीय सहमति की सरकार का नेतृत्व बारी बारी से दोनों दलों को करना चाहिए लेकिन पहले सरकार का नेतृत्व कौन करेगा इस बात को लेकर माओवादी और कांग्रेस के बीच मतभेद अभी भी कायम है।

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उधर कांग्रेस ने मधेशी मोर्चा से अपने नेतृत्व में सरकार गठन के लिए समर्थन मांगा है तो माओवादी ने एमाले के नेताओं से भट्टराई के पक्ष में समर्थन देने की अपील की है। इन बातचीत का दौर खत्म होने के बाद मुलाकात में शामिल नेताओं ने बातचीत के सकारात्मक होने का दावा किया है।

कांग्रेसी नेताओं और मधेशी मोर्चा के बीच बैठक में मोर्चा ने अपने तरफ से कांग्रेस के सामने मधेश के मुद्दे पर अपना रूख स्पष्ट करने को कहा है। मधेशी मोर्चा के नेताओं ने कहा कि मोर्चा के द्वारा पहले ही उठाई जा रही मांगों पर यदि कांग्रेस लिखित प्रतिबद्धता जताती है तो मधेशी मोर्चा कांग्रेस को सशर्त समर्थन दे सकती है।

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इसी तरह माओवादी और एमाले नेताओं के बीच हुई बैठक में भी एमाले ने माओवादी के सामने शान्ति प्रक्रिया और संविधान निर्माण सहित लडाकु समयोजन के संबंध में कुछ शर्तें रखी है। एमाले का कहना है कि यदि माओवादी शान्ति प्रक्रिया और संविधान निर्माण सहित लडाकु समायोजन पर कोई ठोस प्रस्ताव लाकर अन्य दलों को विश्वास में लेती है तो माओवादी के नेतृत्व को समर्थन दिया जा सकता है।nepalkikhabar.com

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