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इन्टरनेट क्रान्ति मे महोत्तरी के राजू का योगदान

 


वर्तमान सदी को इन्टरनेट की सदी भी कहा जाता है । सामाजिक क्रान्ति हो या सामाजिक, इन्टरनेट के बिना कुछ भी सम्भव नही । खासकर अभी के चुनावी लोकतन्त्र मे इन्टरनेट का अहम योगदान माना जाता है । अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प हो या भारत के प्रधानमन्त्रि नरेन्द्र मोदी, सभी ने इन्टरनेट को एक अहम जरिया बनाया था चुनाव के दौरान । नेपाल मे भी इन्टरनेट का प्रयोगकर्ताओ की संख्या मे बढोतरी हुई है लेकिन ग्रामिण इलाको मे इन्टरनेट का सहज पहुँच अभी भी नही दिख रहा है । इसी सन्दर्भ मे आजकल नेपाल के प्रदेश—२ के महोत्तरी जिल्ला मे इन्टरनेट क्रांति लाने मे जुडे हे महोत्तरी के जलेश्वरनाथ नगरपालिका ५ नं वाड ( पर्षा पतैली) के राजेश कुमार राय ‘राजु’ । छबिस वर्ष के राजु पिछले पाँच वर्ष अधिक से इन्टरनेट जगत मे काम करते आ रहे है । राजु के बिस्तिृत जानकारी से पेहले बात करे महोत्तरी मे इन्टरनेट अवस्था की ।
मानव विकाश सुचकांक के प्रतिवेदन अनुसार नेपाल के अधिक पिछडे जिल्लो मे से ८ जिल्ला मधेश का है । जिन मे से महोत्तरी भी एक है । परंतु पिछले एकवर्ष से इस जिले मे इन्टरनेट के उपभोक्ताओ के संख्या मे बढोतरी हुइ है । जलेश्वर मे जब से हिमाल्यन अनलाईन सर्भिस (हंस) इन्टरनेट का जडान हुआ तब जिला के ग्रामिण भाग मे भी इन्टरनेट का सप्लाई किया गया है । महोत्तरी और सर्लाही के हरेक गाउँ मे वाइरलेस प्रबिधी का सप्लाय किया जा चुका है । हला की नेपाल टेलिकम का इन्टरनेट भी पहले से था परंतु खराब सेवा के कारन लोगो को आकर्षित नही कर पाया । आज के तारिख मे महोत्तरी मे ११२० ग्राहक बन चुका है हंस इन्टरनेट का जिन मे से अधिक्तम जलेश्वरनाथ नगरपालिका मे है । उतना ही नही विद्यार्थी एवं युवाओ को लक्षित कर जलेश्वर बजार मे फ्रि वाइफाइ सुबिधा दिलाने मे भी सफलता प्राप्त किया है हंस इन्टरनेट के प्रदेश नं २ संयोजक राजु ने ।
राजु का इन्टरनेट दुनिया की यात्रा भी समझ्ने लायक है । पाँच वर्ष पहले कान्तिपुर सेकुरिटी गार्ड के तहत महोत्तरी स्थित नेपाल टेलिकम मे गार्ड के रुप मे काम करना सुरु किया था । और चुकी राजु का मन इन्टरनेट सम्बन्धि काम मे ज्यादा था । तो टेलिकम के मैनेजर उनसे मदत भी लेते थे, नेट से सम्बन्धित मसले को सुल्झाने मे । जब कान्तिपुर सेकुरिटी प्रालीका सुपरवाजर आते थे चेकजाँच के लिए तो राजु के मैनेजर भी राजु के लिए झुठ बोल्ते थे यह कह कर की हाँ राजु अच्छा से काम करता सुरक्षा का परंतु मैनेजर को राजु का ‘इन्टरनेट एक्पर्टिज’ चाहिए था ।

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धिरेधिरे जब नेपाल टेलिकम का थ्रिजी सेवा का इन्सटलेशन प्रोजेक्ट आया जिसका वेन्डर हुवाई कम्पनि को मिला था उसमे राजु को कन्सल्टेन्ट के रुप मे हायर किया गया और राजु ने नेपाल के ६३ जिल्लो मे थ्रिजी इन्सटलेसन का काम बखुबी किया था । राजु के मुताबिक बाद मे सरकारी नोकरी का अफर भी आया परंतु उन्हो ने प्रस्ताव को अस्विकार किया । कारन पुछ्ने पर राजु ने बताया की सरकारी नौकरी मे जा के इन्टरनेट को ग्रामिण इलाको तक पहुँचाना उत्ना सम्भव नही लगा जित्ना की स्वतन्त्र रुप मे काम करके सहजता हो रही है ।
अभी राजु हिमाल्यनस अनलाइन सर्विस (हंस) के प्रदेश २ के संयोजक के हैसियत मे ग्रामिण इलाको मे इन्टरनेट का पहुँच बढाने मे लगे है । युँ कहे तो इन्टरनेट क्रान्ति को आगे बढाने मे आगे बढे है । जलेश्वर स्थित दफतर मे ११ स्टाफ और समग्र प्रदेश मे १९ स्टाफ होने बाबजुद भी राजु स्वं भी नेट कनेक्सन से ले कर मार्केटिङ्ख भी करते है । लोगो मे नेट की आवश्यकता के बारे मे शिक्षित भी करते है । मजे की बात यह है की नेपाल सरकार के साइबर क्राइम से सम्बन्धित मसले को सुलझाने के काम मे भी सरकार के उच्च अधिकारी लोग राजु का सहायता लेते रहते है । इन्टरनेट की युग मे हंस और राजु जैसे युवा जिस तरह से क्रान्ति लाने मे लगे है इसमे सफलता मिले, लोगो की यही कामना है ।

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