मेरठ लिटरेरी फेस्टिवल – 2018 का भव्य उद्घाटन, देश विदेश का ५०० साहित्यकारों की उपस्थिति
१० दिसम्बर २०१८, मेरठ |साहित्य, कला व संस्कृति को समर्पित संस्थान ‘क्रान्तिधरा साहित्य अकादमी’ – मेरठ द्धारा और आई आई एम् टी यूनिवर्सिटी के सहयोग से एक बार फिर आई आई एम् टी यूनिवर्सिटी परिसर में समस्त भारत से करीब 500 से ज्यादा और नेपाल से 90 साहित्यकार , भूटान , बांग्लादेश , रूस , ईथोपिया व् नार्वे से साहित्यकार – पत्रकार , शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता शरीक हुए।
आज 10 दिसंबर को प्रातः उद्घाटन सत्र का शुभारम्भ सरस्वती वंदना के साथ हुआ जिसमें मुख्य अतिथि कुलाधिपति योगेश मोहनजी गुप्ता और मुख्य वक्ता श्री बसंत चौधरी, वरिष्ठ नेपाली साहित्यकार एवं समाजसेवी थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ योगेन्द्रनाथ शर्मा ‘अरुण’ ने की। इनके साथ ही रूस से आईं मीनू शर्मा, भूटान से छत्रपति फुएल, नेपाल से सनत रेग्मी, डॉ मिनाक्षी कहकशां, डॉ ईश्वरचंद गंभीर ने अपने उद्बोधन से कार्यक्रम को सुशोभित करा।
श्री बसंत चौधरी ने पुस्तक प्रदर्शनी का भी उद्घाटन करा जिसमें भारत, नेपाल, भूटान समेत समस्त दक्षिण एशियाई देशों के साहित्यकारों की रचनाएं प्रदर्शित थी।
प्रथम सत्र में श्री बसंत चौधरी की पुस्तक ‘चाहतों के साये में’ का विमोचन किया गया, जिसके पश्चात डॉ श्वेता दीप्ती ने पुस्तक समीक्षा प्रस्तुत करी। श्री बसंत चौधरी ने भी अपनी पुस्तक से ग़ज़ल प्रस्तुत करी।
द्वितीय सत्र में 1857 की क्रांति में क्रांतिधरा मेरठ की भूमिका पर परिचर्चा आयोजित करी गई जिसमें डॉ अमित पाठक, कर्नल अमरदीप त्यागी, डॉ के के शर्मा, डॉ बीना शर्मा, डॉ सुबोध गर्ग ने क्रांति के विभिन पहलुओं पर मेरठ के सन्दर्भ में प्रकाश डाला।
तृतीय सत्र में 4 से 7 बजे तक मुशायरा का आयोजन करा गया जिसमें डॉ ईश्वरचंद गंभीर, डॉ दिलदार देहलवी, मुनीश तनहा, अनिमेष शर्मा, डॉ सरोजिनी तनहा, शमा गुप्ता, हरिहर शर्मा, कंचना झा, श्वेता दीप्ती, बिष्नु भंडारी, रमन धीमरे, शिखा कौशिक, सूर्यकरण सोनी, मुदित बंसल, राजेंद्र समेत देश-विदेश से आये शायरों ने प्रस्तुती दी।
तीन दिवसीय कार्यक्रम में मेरठ की साहित्यक विभूतियों के नाम से देश-विदेश से पधारे साहित्यकारों को सम्मान प्रदान किये जायेंगे और नवोदितों को यह अंतर्राष्ट्रीय मंच प्रदान किया जायेगा।
अपने उद्बोधन में मुख्य आयोजक डॉ विजय पंडित ने कहा कि यह आयोजन “वसुधैव कुटुंबकम” की भावना के तहत मेरठ दोआब क्षेत्र की गंगा-जमुनी तहज़ीब को विश्व पटल पर लाने का प्रयास है। “मेरठ लिटरेरी फेस्टिवल” के माध्यम से मेरठ को एक साहित्यिक नगरी के रूप में स्थापित व विकसित करना हमारा ध्येय है।
यह संस्था का तीसरा साहित्यिक महोत्सव है। इससे पहले 24-26 नवम्बर 2017 को आई आई एम टी विश्विद्यालय में ही फेस्टिवल का प्रथम संस्करण आयोजित किया गया था और 11-13 अगस्त 2018 को बीरगंज, नेपाल में नेपाल-भारत साहित्य महोत्सव आयोजित करा था।




