निर्मला हत्याकाण्डः प्रदीप और विशाल भी डीएनए परीक्षण में निर्दोष
काठमांडू, १८ दिसम्बर । सरकार के उपप्रधानमन्त्री ईश्वर पोखरेल से लेकर कई पुलिस अधिकारियों ने कहा था कि १३ वर्षीय निर्मला पन्त के हत्यारा पहचान में आ चुके हैं, उन लोगों को जल्द ही सार्वजनिक की जाएगी । पिछली बार गिरफ्तार प्रदीप रावल और विशाल चौधरी को लक्षित करते हुए इसतरह का समाचार आया था । कहा गया था कि प्रदीप और विशाल ने अपनी अपराध स्वीकार किया है । लेकिन वे दोनों डीएनए परीक्षण में निर्दोष साबित हो दिखाई दिए है । लेकिन की इसकी औपचारिक घोषणा बांकी ही है ।
समाचार स्रोत के अनुसार मृतक निर्मला की शरीर से निकाला गया ‘स्वाब’ के साथ गत मार्गशीर्ष २० और २१ गते गिरफ्तार प्रदीप और विशाल दोनों की डीएनए म्याच नहीं हुआ है । अर्थात् परीक्षण के दौरान दोनों निर्दोष पाए गए हैं । लेकिन डीएनए रिपोर्ट अभी तक औपचारिक रुप में सार्वजनिक नहीं की गई है । आज मंगलबार या कल बुधबार के भीतर उक्त रिपोर्ट को औपचारिक रुप में सार्वजनिक करने की तैयारियां हो रही है । निर्मला के ऊपर हुए बलात्कार और हत्याकाण्ड को लेकर अभी तक १० लोगों से अधिक व्यक्तियों की डीएनए परीक्षण हो चुका है । जिसके ऊपर आशंका करते हुए डीएनए परीक्षण किया गया, वे सभी निर्दोष साबित हो रहे है । जिसके चलते अब तो निर्मला के शरीर से निकाला गया ‘भेजिनल स्वाब’ के ऊपर ही प्रश्न उठने लगा है ।
लोगों का कहना है कि कि कई भेजिनल स्वाब ही तो नक्कली नहीं है ? वैसे तो शुरु में ही निर्मला के माता–पिता का कहना था कि संकलित भेजिनल स्वाब निर्माला का ही है या नहीं ? इस में परीक्षण किया जाएगा । लेकिन उन लोगों को किसी ने भी नहीं सुना ।

