न्यूनतम पारिश्रमिक न देनेवाले संचार गृह को कारवाही करने लिए सरकार ने दिया निर्देशन
काठमांडू, २२ जनवरी । नेपाल सरकार ने न्यूनतम पारिश्रमक न देनेवाले संचार गृह को कारवाही करने के लिए सम्बद्ध विभिन्न निकायों को पत्रचार किया है । संचार तथा सूचना प्रविधि मन्त्रालय ने सोमबार सूचना विभाग, प्रेस काउन्सिल नेपाल और न्यूनतम पारिश्रमिक निर्धारण समिति को पत्रचार करते हुए कहा है कि न्यूनतम पारिश्रमिक न देनेवालो संचार गृह को सरकारी सेवा–सुविधा से तत्काल बंचित किया जाए । मन्त्रालय ने न्यूनतम निर्धारित पारिश्रमिक संचार गृहों में लागू हुआ है या नहीं, उसका विवरण भी मांग लिया है । स्मरणीय है, सरकार ने कार्तिक १ से राष्ट्रीय मीडिया में कार्यरत पत्रकारों की न्यूनतम पारिश्रमिक २४ हजार ३७५ (भत्ता के अलवा) निर्धारण किया है ।
समाचार स्रोत के अनुसार श्रमजीवि पत्रकार ऐन पूर्ण रुप में कार्यान्वयन कराने के लिए और न्यूनतम पारिश्रमिक संबंधी व्यवस्था कार्यान्वयन के लिए संचार तथा सूचना प्रविधि मन्त्री गोकुल बास्कोटा ने सरोकारवाला संस्थाओं को पत्राचार किया है । न्यूनतम पारिश्रमिक लागू हुआ है या नहीं, इसके बारे में तत्काल अनुमगन करने के लिए भी मन्त्री ने समिति को निर्देशन दिया है । निर्देशन में यह भी कहा है कि निर्धारित न्यूनतम पारिश्रमिक २४ हजार ३७५ रुपैयां संबंधित पत्रकारों की बैंक खाता में गया है या नहीं, उसमें भी तत्काल अनुगमन करने के लिए मन्त्रालय ने कहा गया है ।
स्मरणीय है, नयां नियम बनाकर सरकार ने समानुपातिक विज्ञापन प्रणाली लागू करने की तैयारी की है, उसके पूर्वसंध्या में सरकार ने श्रमजीवि पत्रकार ऐन संबंधी व्यवस्था में दिलचस्पी ली है । उक्त ऐन में लिखा है कि न्यूनतम पारिश्रमिक से कम देकर किसी को भी काम में लगाना गैरकानुनी है । ऐन अनुसार राष्ट्रीय स्तर की मीडिया में कार्यरत अन्य कर्मचारियों की पारिश्रमिक न्यूनतम १८ हजार कायम की गई है । राष्ट्रीय मीडिया के अलवा अन्य मीडिया में कार्यरत पत्रकारों की न्यूनतम पारिश्रमिक १७ हजार और कर्मचारियों की न्यूनतम पारिश्रमिक १५ हजार निर्धारण की गई है ।

