मधेशके लिए काँग्रेस और कम्यूनिस्ट दोनो घातक : नेता उपेन्द्र महतो
मनौज बनैता, लाहान, २६ जनवरी । मधेश के माँगके विषय मे संघिय सरकार संवेदनहिन होनेका ईल्जाम प्रदेश २ सभा के सदस्य उपेन्द्र महतो ने लगाया है । उनहोने कहा है कि संघिय सरकार संविधान संसोधन के मामले मे अभीतक कुछ नही बोलना यह स्पस्ट करता है कि ये सरकार अपने बहुमत और दो तिहाई के दम्भ मे मधेश और मधेशीयों का मुद्दा को दबाना चाहती है ।
राष्ट्रीय जनता पार्टी नेपाल का केन्द्रीय सचिव एवं प्रदेश सभा सदस्य महतो सर्लाही १(१)से निर्वा्चित है । उनका कहना है कि मधेश के लिए ने.क.पा और काँग्रेस दोनो पार्टीयाँ साँपनाथ और दूसरा नागनाथ है । मधेशके लिए काँग्रेस और एमाले का ब्यवहार और दम्भ मे तनिक भी अन्तर नही है । नेता महतो के अनुसार नेकपा अभी बहुमत और दो तिहाईका दम्भ काँग्रेस को दिखा रही है जो कुछ बर्ष पूर्व काँग्रेस, एमाले, माओवादी और राप्रपा मिलकर ९०५ का दम्भ मधेशी, आदिवासी जनजाती बिरूद्ध संबिधान जारी करके दिखाया था । तसर्थ मधेशके लिये एक साँपनाथ है तो दुसरा नागनाथ है | दोनो पार्टीयाँ मौका देखकर मधेशी को डस्ने के फिराक मे है |

