विदेश से वापस आए नेपालियाें के सामान जब्त करने और निलामी करने पर एनआरएनए का ध्यानाकर्षण
गैर आवासीय नेपाली संघ (एनआरएनए) ने विश्व के विभिन्न देश में श्रम से कमाए रकम से वैदेशिक रोजगार से घर वावस लाैट कर आने के क्रम में नेपालियाें द्वारा घर के प्रयाेग का सामान या उपहार त्रिभुवन अन्तर्राष्ट्रिय विमानस्थल में जब्त करने के सम्बन्ध में ध्यानाकर्षण कराया है ।
संघ के प्रवक्ता भूषण घिमिरे ने गुरुवार बिज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि नेपालियाें के खून पसीने की कमाई द्वारा खरीदे सामान तथा उपहार काे जब्त करने से सिर्फ बाहर से आनेवालाें के लिए आर्थिक क्षति ही नहीं उनकी भावनाओं काे भी ठेस पहुँचती है ।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि, ‘लाखाें नेपाली के खून पसीने की कमाई से खरीदे सामान तथा उपहार काे जब्त करना सम्बन्धित व्यक्ति को आर्थिक क्षति ही नहीं पहुँचाया है बल्कि भावना में भी ठेस पहुँचाया है । रेमिट्यान्स मार्फत मुलुक के अर्थतन्त्र में योगदान दे रहे श्रमजीवी नेपाली घरेलु प्रयोग के लिए लाए सामान समेत जब्त कर आर्थिक और मानसिक यातना का अनुभव हाे रहा है । इतना ही नहीं नेपाल सरकार, विमानस्थल का सम्बन्धित निकाय और वहाा कार्यरत कर्मचारियाें के प्रति नकारात्मक भावना उत्पन्न हाे रहा है ।
झिटीगुन्टा सम्बन्ध में बने नियम काे अन्तर्राष्ट्रिय मापदण्ड के अनुसार समय सापेक्ष बनाया जाना चाहिए तथा नयाँ नियम लागू करने से ६ महिना पहले सार्वजनिक रुप में सूचना दे कर कष्टमुक्त बनाया जाना तथा जाने अनजान तय किए गए हद तक व्यक्तिगत प्रयोजन एवं परिवार के लिए लाए सामाग्री काे बिना झन्झट बिमानस्थल से पास कराने की व्यवस्था करना तथा अगर तय से अधिक सामान लाने की अवस्था में जब्त करने की बजाय टैक्स देकर सामान ले जाने की व्यवस्था हाेनी चाहिए ।

