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५ नं. प्रदेश स्तरीय भाषाभाषी स्रष्टा सम्मान, अन्तरक्रिया तथा बहुभाषिक कवि गोष्ठी

 

नेपालगन्ज÷(बा“के) पवन जायसवाल । विश्व भाषाभाषी दिवस २०७५ की अवसर पर ५ नं. प्रदेश स्तरीय भाषाभाषी स्रष्टा सम्मान, अन्तरक्रिया तथा बहुभाषिक कवि गोष्ठी फागुन ४ गते शनिवार को बा“के जिला की नेपालगन्ज मेें भव्य रुपमें सम्पन्न हुआ है ।
५ नं. प्रदेश अन्तर्गत की १२ जिला से सहभागिता रही थी वह समारोह में विभिन्न जिला के डेढ दर्जन विभिन्न भाषाभाषी स्रष्टा लोगों को सम्मान भी किया गया था ।
वाङमय प्रतिष्ठान केन्द्रीय समिति ५ नं. प्रदेश कपिलधाम कपिलवस्तु के मुख्य आयोजन में , राप्ती साहित्य परिषद् घोराही दाङ, लुम्विनी वाङमय प्रतिष्ठान नेपाल बुटवल, रुपन्देही के सहआयोजन, स्थानीय आयोजक भेरी साहित्य समाज केन्द्रीय समिति नेपालगन्ज बा“के की संयोजन तथा खजुरा गाव“पालिका खजुरा सहकार्य में सम्पन्न हुआ था वह कार्यक्रम में वाङमय प्रतिष्ठान केन्द्रीय समिति ५ नं. प्रदेश कपिलधाम कपिलवस्तु के अध्यक्ष हिमलाल ज्ञवाली के अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ था ।
कार्यक्रम में बा“के जिला के वरिष्ठ उर्दू साहित्यकार औ गुल्जारे अदब कै अध्यक्ष अब्दुल लतीफ शौक के प्रमुख आतिथ्य में, पूर्व प्राज्ञ सदस्य तथा वरिष्ठ गजलकार व“ूद राना, वरिष्ठ कथाकार और नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठान के पूर्व सदस्य सचिव सनत कुमार रेग्मी के विशिष्ठ आतिथ्य में सम्पन्न कार्यक्रम में बा“के, बर्दिया, दाङ, कपिलवस्तु, नवलपरासी, रुपन्देही, प्यूठान, पाल्पा, अर्घाखा“ची, रुकुम (रुकुमकोर्ट पूर्व), गुल्मी, रोल्पा लगायत जिला के विभिन्न भाषाभाषी करके डेढ दर्जन स्रष्टा लोगों को दोसल्ला ओढाकर सम्मान किया गया था ।
वह कार्यक्रम में प्राज्ञ सदस्य तथा भेरी साहित्य समाज केन्द्रीय समिति नेपालगन्ज के अध्यक्ष हरि तिमिल्सेना को पुनः प्राज्ञ सदस्य में मनोनयन हुयें है उन को बधाई ज्ञापन करते हुये सम्मान भी किया गया ।
कार्यक्रम में भारत जिला बहराइच नानपारा निवासी अन्जुमन शाहकारे उर्दू उत्तरप्रदेश के अध्यक्ष शारिक रब्बानी की “नेपाल के उर्दू शोरा का तफसीली जाएजा” नाम की कृति भी वह बायर्कक्र में विमोचन प्रमुख अतिथि औ विशिष्ट अतिथि लोगों ने किया औ भारत जिला बहराइच निवासी इन्कलाब असरफी ने कृति पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त किया था । वह कार्यक्रम में बर्दिया जिला के थारुभाषी सोम डेमनडौरा, बा“के जिला के उर्दू भाषी की ओर से गुल्जारे अदब के सचिव तथा उर्दू साहित्यकार मोहम्मद मुस्तफा अहसन कुरैशी, अवधी भाषी की ओर से अवधी सा“स्कृतिक प्रतिष्ठान केन्द्रीय समिति के अध्यक्ष विष्णुलाल कुम्हार, नेवारी भाषी की ओर से पुष्पमणि प्रधान, दाङ जिला से कुमाल भाषाभाषी की ओर से गुरु प्रसाद कुमाल (गुलगुल), थारु भाषी की ओर से छविलाल कोपिला, मगर भाषा की ओर से बम कुमारी बुढा, कपिलवस्तु जिला से नेपाली, भोजपुरी, अवधी भाषा के ज्ञाता हरिराज शर्मा अर्याल, रुपन्देही से संस्कृतविद् राजेन्द्र कुमार अर्याल, भोजपुरी भाषी की ओर से शिवानन्द जायसवाल, प्यूठान से नेपाली भाषा स्रष्टा भेषमन गिरी, नवलपरासी से सिन्धु जलेसा, पाल्पा से सृजना ज्ञवाली, अर्घाखा“ची से चित्रकार हिम बहादुर जिसी, पाल्पा तानसेन से नेपाली भाषी शालिकराम पौडेल लगायत लोगों को सम्मान किया गया था ।
वहुभाषिक कवि गोष्ठी समारोह में वाङमय प्रतिष्ठान दो कृतिका सर्जक बा“के की नारी स्रष्टा तथा ग्रामीण आर्थिक सामाजिक उत्थान केन्द्र की अध्यक्ष लता शर्मा को विपन्न समुदाय में नारी उत्थान, महिला सशक्तिकरण, आर्थिक स्वावलम्वन तथा निःशुल्क सामुदायिक स्वास्थ्य की क्षेत्र में योगदान पहु“चायी इस लिये उन को उच्च कदर करते हुये सम्मान किया गया ।
इसी तरह वह कार्यक्रम में महेन्द्र बहुमुखी क्याम्पस नेपालगन्ज के उप प्राध्यापक राज कुमार थारु ने प्रदेश नं. ५ की भाषिक अवस्था ः की एक सर्वेक्षण विषयक कार्यपत्र प्रस्तुत किये थे । रुपन्देही जिला के हुमकान्त पाण्डेय अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस और नेपाली भाषा की स्थित की बारे में और जागेशवर प्रसाद उपाध्याय ने उर्दू भाषा की स्थित के बारे में और विकास की बारे में अलग अलग की कार्यपत्र प्रस्तुत किये थे ।
वह कार्यक्रम में खजुरा गाव“पालिका के अध्यक्ष किस्मत कुमार कक्षपति, महेन्द्र बहुमुखी क्याम्पस नेपालगन्ज के क्याम्पस प्रमुख गणेश कुमार रेग्मी लगायत लोगों ने अपनी बिचार ब्यक्त किये थे और बर्दिया जिला के प्रभात सुवेदी, महानन्द ढकाल, महेन्द्र सेडाई, ऋचा लुइँटेल, चित्रा शाह, देवकी निरौला, अन्सर नेपाली, मो. मुस्तफा अहसन कुरैशी, नसीम कादरी लगायत लोगों ने गीत, कविता, गजल वाचन किये थे ।
कार्यक्रम की सञ्चालन हरि प्रसाद तिमिल्सेना ने किया था तथा स्वागत मन्तब्य राप्ती साहित्य परिष्द घोराही दाङ के पुरुषोत्तम खनाल ने किया था ।
मुलुक संघीय संरचना में जाने से प्रादेशिक साहित्यिक अवधारणा की प्रारुप तयार करते हुये कार्यान्वयन के लिये नेपालगन्ज से अभ्यास की शुरुआत किया जाएगा प्रतिष्ठान के अध्यक्ष हिमलाल ज्ञवाली ने बताया । इस लिये ५ नं. प्रदेश की १२ जिला में रहें भाषाभाषी तथा साहित्यिक संघ संस्था लोगों को संरक्षकत्व प्रदान करने की बात बताते हुये वह अवधारणा आगे बढाया गया है अध्यक्ष हिमलाल ज्ञवाली ने बताया ।

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