विश्व मातृभाषा दिवस : अन्य मातृभाषी लोगों के बीच भी हिंदी दूसरी भाषा के रूप में लोकप्रिय है।
कोस कोस पर बदले पानी, चार कोस पर बानी… ये कहावत मातृभाषा की महत्ता समझाने के लिए पर्याप्त है। विश्व में भाषाई व सांस्कृतिक विविधता व बहुभाषिता को बढ़ावा देने और विभिन्न मातृभाषाओं के प्रति जागरुकता लाने के उद्देश्य से हर साल 21 फरवरी को मातृभाषा दिवस मनाया जाता है। इस साल उन्नीसवें मातृभाषा दिवस की थीम है, विकास, शांति और संधि में देशज भाषाओं के मायने। एक नजर डालते हैं इससे जुड़े कई आयामों पर…
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार विश्व में बोली जाने वाली भाषाओं की संख्या लगभग 6900 है। इनमें से 90 फीसद भाषाएं बोलने वालों की संख्या एक लाख से कम है। लगभग 150 से 200 भाषाएं ऐसी हैं, जिन्हें दस लाख से अधिक लोग बोलते हैं। दुनिया की कुल आबादी में तकरीबन 60 फीसद लोग 30 प्रमुख भाषाएं बोलते हैं, जिनमें से दस सर्वाधिक बोले जानी वाली भाषाओं में जापानी, अंग्रेजी, रूसी, बांग्ला, पुर्तगाली, अरबी, पंजाबी, मंदारिन, हिंदी और स्पैनिश है।


