भव्य कलश यात्रा के साथ नेपाल में अश्वमेध गायत्री महायज्ञ हुवा शुभारंभ (फाेटाेफिचर)
महायज्ञ में पहुँचे गायत्री परिवार प्रमुखद्वय, नेपाल सहित कई देशों के श्रद्धालुओं ने लिया
भाग
बीरगञ्ज 3 मार्च।
गायत्री तीर्थ शांतिकुंज के मार्गदर्शन में नेपाल में पहली बार वीरगंज की धरती में हो रहे अश्वमेध गायत्री महायज्ञ का भव्य कलश यात्रा के साथ 3 मार्च को शुभारंभ हो गया। करीब चार किमी लंबी भव्य कलश यात्रा में नेपाल सहित कई देशों से आये श्रद्धालुओं ने भाग लिया। वहीं अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुखद्वय डॉ. प्रणव पण्ड्या व शैलदीदी ने देवपूजन कर अश्वमेध गायत्री महायज्ञ का शुभारंभ किया। माना जा रहा है कि इस आध्यात्मिक अनुष्ठान से नेपाल में विकास की नई संभावनाएँ जन्म लेंगी।
इस अवसर पर डॉ. पण्ड्या ने कहा कि अश्वमेध गायत्री महायज्ञ के इस प्रयोग से नेपाल में सांस्कृतिक एवं नैतिक उत्थान का नया आयाम खुलेगा। इस यज्ञ से नेपाल के सांस्कृतिक नवोन्मेष एवं राष्ट्र का पराक्रम बढ़ने के साथ खुशहाली के पथ प्रशस्त होंगे।
उन्होंने अश्वमेध महायज्ञ की व्याख्या करते हुए इसे समस्त मानव जाति के कल्याण करने वाला बताया। डॉ. पण्ड्या ने कहा कि अश्वमेध महायज्ञ आसुरीवृत्तियों के विनाश के लिए होता है। शैलदीदी ने कहा कि महायज्ञ से ऋद्धि, सिद्धि की वर्षा होगी, जिससे आम लोग अच्छाइयों की ओर बढ़ेंगे। नेपाल की सुख, समृद्धि के लिए वैदिक मंत्रों के साथ विशेष आहुतियाँ दी जायेंगी।
इस अवसर पर अश्वमेध महायज्ञ समिति के अध्यक्ष उपेन्द्र महतो, डॉ. सहमता, वीरगंज महानगर पालिका अध्यक्ष विजय कुमार, राजेश अग्रवाल, नेपाल के अनेक वरिष्ठ अधिकारीगण, सेना के जवान सहित अनेक गणमान्य नागरिकों ने पूजन में भाग लिया।









