कूल डाक्टरों में से ७० प्रतिशत काठमांडू में, डाक्टर विहीन बन रहा है गांव !
काठमांडू, १६ मार्च । सरकारी नीति यह है कि हर गांवपालिका में कम से कम १ डाक्टर तथा आधारभूूत सुविधान प्राप्त अस्पताल की व्यवस्था की जाएगी । लेकिन तथ्यांक यह है कि कूल डाक्टारों में से ७० प्रतिशत डाक्टर काठमांडू में ही रहते हैं और ३५३ स्थानीय निकाय पूर्ण रुप में डाक्टर विहीन है । यह समाचार आज प्रकाशित राजधानी दैनिक में है ।
चुनाव के बाद केपी ओली नेतृत्व में नयी सरकार बनी है, जो १३ महीनों से है । सरकार गठन होते हुए सरकार नै प्रतिबद्धता व्यक्त किया था कि हर स्थानीय निकाय में कम से कम १ डाक्टर और आधारभूत सुविधा सम्पन्न अस्पताल निर्माण की जाएगी । लेकिन सरकारी प्रतिबद्धता कार्यान्वयन न होने के कारण गांव में निवासी लाखों जनता स्वास्थ्य सेवा से बंचित होने के लिए बाध्य हैं । सिर्फ शहरी क्षेत्रों में चिकत्सक केन्द्रित होने के कारण ग्रामिण क्षेत्र में चिकित्सक भेजने की सरकारी लक्ष्य असफल दिखाई दे रही है ।
नेपाल मेडिकल काउन्सिल के अनुसार लगभग २४ हजार चिकित्स पंजीकृत हैं । उनमें से ६० से ७० प्रतिशत चिकित्सक काठमांडू उपत्यका में ही कार्यरत हैं ।

