बांके और बर्दिया जिला को कर्णाली प्रदेश में मिलाने के लिए व्यवसायियों का जोर
सुर्खेत, १८ मार्च । प्रदेश नं. ५ स्थित बांके और बर्दिया जिला को कर्णाली प्रदेश में मिलाने के लिए व्यवसायियों ने जोर दिए हैं । सुर्खेत और कोहलपुर उद्योग वाणिज्य संघ के पदाधिकारियों के बीच वीरेन्द्रनगर में आयोजित अन्तरक्रिया में व्यवसायियों ने ऐसा प्रस्ताव किया है । उन लोगों का मानना है कि कर्णाली प्रदेश को तीव्र आर्थिक विकास की राह पर ले जाने के लिए बांके और बर्दिया जिला को कर्णाली प्रदेश में मिलना जरुरी हैं ।
सुर्खेत उद्योग वाणिज्य संघ के अध्यक्ष धनबहादुर राउत ने कहा कि बांके–बर्दियां को कर्णाली प्रदेश में मिलाने के लिए शीर्ष नेताओं को साथ विचार–विमर्श शुरु करनी चाहिए, अगर नेताओं की ओर से पहल की जाएगी तो यह सम्भव भी है । अध्यक्ष रावत को यह भी मानना है कि प्रदेश विभाजन कार्य से बांके–बर्दिया बीच रहे भावनात्मक सम्बन्ध को भी कमजोर बनाया है ।
इसीतरह कोहलपुर उद्योग वाणिज्य संघ के अध्यक्ष चक्रबहादुर अधिकारी ने भी कहा कि बांके–बर्दिया और सुर्खेत के बीच सिर्फ एक ही अंचल में नहीं, इन जिलों के बीच व्यपारिक, सांस्कृतिक और सामाजिक सम्बन्ध भी है । नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ प्रदेश नं. ५ के सदस्य नरेन्द्र शर्मा ने कहा कि जो साझा सवाल हैं, उसमें प्रादेशिक विभाजन को कारण मानकर चुपचाप रहना ठीक नहीं है ।

