भाषा सिखाने के नाम पर ठगी का धन्दा जाेर पर
काठमाडौं –
जापान, कोरियालगायत के देश में जाने के लिए सहजता के लिए भाषा पढाने के नाम पर देशभर के अधिकांश शैक्षिक कन्सल्टेन्सी मनमानी शुल्क असूल कर रहे हैं।
अधिकांश कन्सलटेन्सी द्वारा ठग धन्दा चलाने पर भी सरकार पर्याप्त मात्रा में अनुगमन नही कर पा रही । सरकार के अनुगमन नही करने से धन्दा जाेर पर है। विभिन्न बहाना में कन्सल्टेन्सी शुल्क ले रही है ।
विद्यार्थी मासिक रूप में १५ से ५० हजार रुपैया तक शुल्क देने के लिए विवश हैं। शुल्क का निश्चित मापदण्ड तय नही है ।

