हाथ से हाथ मिलाते चलो होली हैं होली रंग लगाते चलो

“रंगों से भरी इस दुनियां में, रंग रंगीला त्यौहार है होली,
गिले शिक्वे भुलाकर खुशियाँ मनाने का त्यौहार है होली,
रंगीन दुनियां का रंगीन पैगाम है होली,
हर तरफ यहीं धूम है मची “बुरा ना मानों होली है होली ”..
“रंग रंगीला माहौल हो,अपनों का साथ हो
स्वादिष्ट पकवानों की मिठास पास हो .
फिर देरी किस बात की करते हो यारो
उठाओ गुलाल और धमाल करो प्यारों ..
रंगों की ना होती कोई जात
वो तो लाते बस खुशियों की सौगात
हाथ से हाथ मिलाते चलो
होली हैं होली रंग लगाते चलो
पिचकारी की आई बाजारों में बौछार
हर कोई मांगे अनोखी पिचकारी हर बार
बच्चो को होता त्यौहारों से प्यार
वही तो बनाते त्यौहारों को गुलज़ार
रंगों के होते कई नाम
कोई कहे लाल कोई कहे पीला
हम तो जाने बस खुशियों की होली
राग द्वेष मिटाओं और मनाओ होली
हर त्यौहारों का होता अपना मिज़ाज
खुशियों का संदेशा देता हर एक साज
त्यौहारों का राजा हैं हमारा देश
मिलकर रहें, खुश रहे, यही हैं होली का संदेश

होली तो बस एक बहाना हैं
हमें साजन के करीब जो आना हैं
ऐसे रंग लगायेंगे सनम तुझे
ना भूल पाएंगी इस जनम मुझे

रंग बरसे ऐसे मेरे अँगना
की यादे रंगीन हो गई
जब तक तू साथ था मेरे सनम
होली का रंग चढ़ता था हर अंग अंग

रास रचाये गौकुल में कन्हैया
होली में बन जाये रंग रसिया
सजाये रंगों का साज हर एक द्वारे
आज भी गोपियाँ रंग लिए कान्हा की राह निहारे

