लोकतंत्र को खतरा होने वाले सूचना प्रवाह नहीं किया जाना चाहिये ः सभामुख महरा
काठमांडू –
सभामुख कृष्णबहादुर महरा ने बताया कि लोकतन्त्र को विध्वंशात्मक बनाने वाली सूचना प्रवाह नहीं करने के लिये राष्ट्रीय सूचना आयोग को यह भूमिका निर्वाह करना चाहिये ।
आयोग द्वारा आयोजित सूचना के हकसम्बन्धी राष्ट्रिय सम्मेलन के उद्घाटन करते हुये उन्होंने बताया कि सूचना मांगना और सूचना प्रवाह करना सबका दायित्व है परन्तु लोकतंत्र खुला होने के कारण सूचना मांगते रहने की आवश्यकता नहीं है ।
“देश में अपारदर्शिता बढने पर वा सूचना छिपाने की प्रवृति बढने पर सूचना के हकसम्बन्धी कानून और आयोग की अत्यावश्यकता होती है पर सूचना सहज प्राप्त हो जाने से कानून और आयोग का औचित्य नहीं रह जाता है । ” सभामुख महरा ने कहा कि “वास्तविक राष्ट्रिय एकता कायम करने वाला सूचना प्रवाह में रचनात्मक हिसाब से सभी को संलग्न होना चाहिये, सूचना के नाम में लोकतन्त्र को खतरा में नहीं डालना चाहिए, यही पत्रकारिता का धर्म है ।
उन्होंने विश्वास के साथ कहा कि सूचना के हकसम्बन्धी ऐन को आवश्यकतानुसार संशोधन के लिये सम्बन्धित पक्ष के साथ बातचीत कर लाने में संसद जरुर पारित करेगी ।
आयोग का प्रमुख आयुक्त कृष्णहरि बाँस्कोटा ने सूचना मांग तथा प्रवाह का विवरण सार्वजनिक करने के लिये नेपाल सरकार के सभी निकायों, राजनीतिक दलों, वित्तीय और सामाजिक संस्थााओं से नागरिक सूचना के हक को सुनिश्चित करने आदेश दिया ।

