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जानिए इस बार क्या है माँ के आगमन की सवारी

 

 

वैसे तो माता की सवारी शेर ही है पर नवरात्रि में उनके वाहन उनके आगमन के  दिनों के अनुसार बदलते रहते हैं। जाने इस बार किस वाहन पर आयेंगी मां।

शास्त्रों में मिलता है उल्लेख

नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा का वाहन क्या होगा इसे लेकर शास्त्रों  में एक श्लोक दिया गया है। जो इस प्रकार है ‘शशिसूर्ये गजारूढ़ा शनिभौमे तुरंगमे। गुरौ शुक्रे च दोलायां बुधे नौका प्रकी‌र्ति्तता।’ इसके अनुसार नवरात्रि के प्रथम दिन यदि रविवार या सोमवार हो तो मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आती हैं, यद‍ि आरंभ शनिवार और मंगलवार से हो तो माता घोड़े पर सवार होकर आती हैं। वहीं गुरुवार और शुक्रवार का दिन पड़े तो माता की सवारी

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पालकी में आती हैं जबक‍ि बुधवार को नवरात्रि प्रारंभ होने पर मां दुर्गा नाव में सवार होकर पधारती हैं।

घोड़े पर आयेंगी माता

तो इस उल्लेख से स्पष्ट हो गया होगा क‍ि इस बार माता दुर्गा की सवारी क्याे होने वाली है। इस बार चैत्र नवरात्रि 6 अप्रैल से शुरू हो रही है। यानि प्रतिपदा शनिवार की है, इसलिए मां दुर्गा इस बार घोड़े पर सवार होकर

आयेंगी। इसी तरह यह भी माना जाता है कि माता जिस वाहन से पृथ्वी पर आती हैं उसके अनुसार वर्ष में होने वाली घटनाओं का भी आकलन किया जाता है। इस वर्ष कलश स्थापना 6 अप्रैल यानी शनिवार के दिन है। इसलिए इस वर्ष माता घोड़े पर सवार होकर आ रही हैं। घोड़ा युद्ध का प्रतीक माना जाता है। घोड़े पर माता का आगमन शासन और सत्ता के लिए अशुभ माना गया है। इससे सरकार को विरोध का सामना करना पड़ता है और सत्ता परिवर्तन का योग बनता है।

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हिंदू नववर्ष आरंभ

पंडित दीपक पांडे के अनुसार, इस बार नवरात्रि 8 दिनों की हैं और देवी मां इस वर्ष घोड़े पर सवार होकर आयेंगी। पंचांग के अनुसार चैत्र नवरात्र से हिंदू नववर्ष का प्रारंभ भी माना जाता है। पुराणों में बताया गया है कि चैत्र नवरात्रि से पहले मां दुर्गा का अवतरण हुआ था, इसी के बारे में बताते हुए ब्रह्म पुराण में कहा गया है कि देवी ने ही ब्रह्माजी को सृष्टि निर्माण करने के लिए कहा। इन्ही नवरात्रों के तीसरे दिन भगवान विष्णु का  मत्स्य अवतार हुआ था, और श्रीराम अवतार भी चैत्र नवरात्र में ही हुआ था।

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