Wed. Sep 2nd, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

जियाे के बाद मुकेश अंबानी जल्द ही रियल एस्टेट में बड़ा धमाका करने जा रहे हैं

 

नई दिल्ली (8 अप्रैल):

देश में सस्ता फोन और सस्ता इंटरनेट देने के बाद दुनिया के 13वें और भारत के सबसे अमीर शख्स मुकेश अंबानी जल्द ही रियल एस्टेट में बड़ा धमाका करने जा रहे हैं। मिली जानकारी के मुताबकि रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड मुंबई में सिंगापुर की तर्ज पर विश्वस्तरीय मेगासिटी तैयार करने जा रहा है। एक अंग्रेजी वेबसाइट में छपी खबर के मुताबकि इस मेगासिटी में एयरपोर्ट, पोर्ट तथा सी लिंक कनेक्टिविटी भी होंगे। इसमें पांच लाख से अधिक लोग रह सकेंगे। यही नहीं, इस शहर में हजारों कंपनियां भी होंगी। इस प्रॉजेक्ट के डिवेलपमेंट में एक दशक में लगभग 75 अरब डॉलर की लागत आ सकती है।
-रिलायंस ने वैश्विक स्तर का एक इकनॉमिक हब डिवेलप करने के लिए पिछले महीने की शुरुआत में नवी मुंबई एसईजेड से 2,100 करोड़ रुपये के शुरुआती भुगतान पर 4,000 एकड़ जमीन को लीज पर लेने के बारे में घोषणा की थी।

यह भी पढें   नेपाल बाढ़ त्रासदी: भारत हर संकट में नेपाल के साथ : राजदूत नवीन श्रीवास्तव

-एनएमएसईजेड ने विश्वस्तरीय एसईजेड डिवेलप करने के लिए साल 2006 में यह जमीन दी थी।
-अंबानी अपनी इस महत्वाकांक्षी परियोजना को बेहद व्यापक स्तर पर लॉन्च कर सकते हैं, जैसा पहले कभी नहीं देखा गया होगा।

-विश्लेषकों का कहना है कि रियल एस्टेट के क्षेत्र पर इस प्रॉजेक्ट का वही असर हो सकता है, जैसा दूरसंचार क्षेत्र पर जियो की वजह से हुआ।

-कुल मिलाकर, रिलायंस का यह प्रॉजेक्ट भारत में नई इबारत लिख सकता है, क्योंकि समस्त शहरी बुनियादी ढांचे की जो तस्वीर है, उसे यह पूरी तरह बदल सकता है।
-इस प्रॉजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वह न सिर्फ खुद इस प्रॉजेक्ट को डिवेलप करेगी, बल्कि शहर तैयार होने के बाद वह उसके प्रशासन को भी नियंत्रित करेगी। ऐसा ‘स्पेशल प्लानिंग अथॉरिटी’ लाइसेंस की वजह से होगा, जो कंपनी को इस ऐतिहासिक परियोजना के लिए मिला है।

यह भी पढें   देश के पुनर्निर्माण के लिए 4 से 5 अरब अमेरिकी डॉलर की आवश्यकता : अर्थमंत्री वाग्ले

-रिपोर्ट के मुताबिक, इस लाइसेंस से अंबानी को न सिर्फ बेहद कम लालफीताशाही का सामना करना पड़ेगा, बल्कि शहर को डिवेलप करने की लागत भी कम होगी।
-रिलायंस ग्रुप के संस्थापक धीरुभाई अंबानी पहली बार नवी मुंबई में एक विश्वस्तरीय शहर बसाने का आइडिया लेकर आए थे। उन्होंने 80 के दशक में इस तरह के प्रॉजेक्ट के बारे में विचार किया था। अगर अंबानी का यह प्लान सफल होता तो मुंबई को काफी पहले ही भारी भीड़भाड़ से आजादी मिल चुकी होती।

यह भी पढें   रसुवा-नुवाकोट बाढ़: 11 जलविद्युत परियोजनाओं में 898 कर्मचारी अब भी लापता, सैकड़ों सुरंगों में फंसे

न्यूज 24 से

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may missed

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com