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समलैंगिक विवाह को वैधानिक दर्जा देने वाला पहला एशियाई देश ताइवान

 

ताइपे, एएनआइ। 

 

ताइवान (Taiwan) समलैंगिक विवाह (same gender marriage) को वैधानिक दर्जा देने वाला पहला एशियाई देश (first Asian nation) बन गया है। ताइवान की संसद ने समलैंगिक विवाह कानून को शुक्रवार को मंजूरी दे दी। समाचार एजेंसी अलजजीरा ने बताया है कि ताइवान के सांसदों ने समान लिंग वाले जोड़ों को ‘निवारक स्थायी संघ’ (exclusive permanent unions) बनाने और सरकारी एजेंसियों में मैरिज रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन देने की इजाजत देने वाला कानून पारित किया।

बता दें कि ताइवान की सर्वोच्‍च अदालत ने संविधान के उल्‍लंघन का हवाला देते हुए इस कानून को मंजूरी देने की मांग खारिज कर दी थी। हालांकि, अदालत ने सांसदों को देश के संविधान में बदलाव करने को लेकर 24 मई तक का समय दिया था। इसके बाद सैकड़ों समलैंगिक अधिकार समर्थकों ने राजधानी ताइपे (Taipei) में संसद भवन के सामने भारी बारिश के बीच इस कानून के लिए संसद में मतदान की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था।

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ताइवान के राष्‍ट्रपति राष्ट्रपति साई इंग-वेन (Tsai Ing-wen) ने ट्वीट कर कहा कि यह एक ऐसा मामला था जिस पर परिवार, पीढि़यां, यहां तक कि धार्मिक समूह भी बंटे हुए थे। आज हमने एक ऐतिहासिक बदलाव करते हुए दुनिया के सामने दिखाया है कि प्रगतिशील मूल्य भी एक पूर्व एशियाई समाज में जड़ें जमा सकते हैं। यह कदम रूढ़िवादी सांसदों के लिए एक झटका है क्योंकि उन्होंने ‘नागरिक संघ’ के पक्ष में सबसे प्रगतिशील विधेयक को रोकने की कोशिश की थी।

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उल्‍लेखनीय है कि ताइवान में लैंगिक असमानता को तोड़ने और वैवाहिक समानता ( same gender marriage) के लिए पुरुष स्कर्ट पहनकर स्कूल, कॉलेज और दफ्तर पहुंच रहे थे। यही नहीं लैंगिक समानता को लेकर सोशल मीडिया पर स्कर्ट पहने पुरुषों की तस्‍वीरें भी शेयर की जा रही थीं। यही नहीं सेम जेंडर मैरिज बिल के पक्ष में समर्थन देने के लिए इस अभियान में महिलाएं और छात्राएं भी समर्थन दे रही थीं।

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