रेलमार्ग के लिए नाै अरब का बजट
काठमान्डाै २८ मई

रेल विभाग ने लगभग २० अरब की माँग की थि । पूर्व–पश्चिम रेलमार्ग मे् प८ने वाले सभी जमीन का एब ही बार में अधिग्रहण करने के लिए बज६ माँग किया गया था। अर्थ मंत्रालय मांग का करीब आधा बजट दे रहा हे । सरकार चीन तथा भारत द्वारा रेलमार्ग से जोड्ने का महत्वकांक्षी आयोजना काे आगे बढाने के लिए यह रकम उपयाेग किया जाएगा ।
रक्सौल–काठमाडौं और केरुङ–काठमाडौं काे जोड्ने के लिए रेल अनुदान में बना देने का नेपाल ने भारत और चीन के सामने प्रस्ताव रखा है । दाेनाें अन्तरदेशीय रेलमार्ग काे आगे बढाने के लिए डीपीआर तैयार करने के लिए इसी वर्ष के बजट से आवश्यक रकम व्यवस्था किया जाएगा । काठमाडौं–लुम्बनी और काठमाडौं–पोखरा जोड्ने वाली रेल, काठमाडौं में मोनो वा मेट्रो रेल भी सरकार की प्राथमिकता में है।बजट में जनकपुर–जयनगर और जोगबनी–बिराटनगर ब्रोडगेज रेलमार्ग में रेल चलाने के लिए रकम विनियोजन हाे रहा है ।दाेनाें रेल मार्ग के लिया नया रेल खरीदा जाएगा
पूर्व–पश्चिम रेलमार्ग मेंअभी बर्दिबास–सिमरा खण्ड के एक भाग में ३० किलोमिटर तक रेल्वे ट्रयाक निर्माण हाे रहा है । अब सिमरा तक के रेल्वे खण्ड का ट्रयाक खोलने कि तैयारी है ।
पहले चरण में महोत्तरी के बर्दिबास से सर्लाही के लालबन्दी तक ट्रयाक खोलने का काम हाे रहा है । पर्याप्त बजेट नही् हाेने के कारण काम की गति सुस्त हे ।
सरकार ने पूर्व–पश्चिम रेलमार्ग के मूल रुट काे ९ खण्ड में विभाजन किया है । मूल खण्ड ९४५ किलोमिटर तक का है जबकि पोखरा–काठमाडौं, काठमाडौं–वीरगञ्जलगायत सहायक रेलमार्ग काे अगर जाेडा गया ताे १ हजार ३ साै ७६ किलोमिटर हाेगा ।
बुटवल से गड्डाचौकी तक ४२१ किलोमिटर का डीपीआर तैयार हाे चुका है । नवलपरासी के चोरमारा से बुटवल तक का डीपीआर बन चुका है और इनरुवा से काँकडभिट्टा खण्ड का डीपीआर तेयार है । निजगढ–इनरुवा खण्ड में ताे निर्माण का काम भी शुरु हाे चुका हे ।
हाल निजगढ–हेटौैंडा–चितवन खण्ड का डीपीआर तैयार किया जा रहा हे । इस काम के खत्म हाेने के बाद पूर्वापश्चिम रेलमार्ग का मुख्य खण्ड का डीपीआर तैयार हाेगा ।
पूर्वपश्चिम रेलमार्ग का निर्माण प्रक्रिया सन् २००८ में शुरु हुआ था । पर, रेलमार्ग निर्माण का कार्य अब तक गति नही ले पाया है ।

