ऐसे भी चोर होते हैं, जो बीमा रकम के लिए अपने ही पसल चोरी करते हैं !
हैटौडा, ३१ मई । कभी–कभार समाचार आता है कि कई बड़े उद्योगपति बीमा रकम के लिए अपने ही उद्योग में आग लगा देते हैं । इसमें कितनी सच्चाई होती है, कभी बाहर नहीं आता, यह सब सिर्फ हल्ला में सिमित हो जाती है । लेकिन एक ऐसे चोर है, जिन्होंने बीमा रकम के लिए अपने ही पसल में चोरी की है । हां, यह समाचार सच है ।
घटना है– मकवानपुर जिला हेटौडा बजार का । घिमिरे इलेक्ट्रिक एण्ड इलेक्ट्रोनिक्स के संचालक उमेश घिमिरे ने ऐसी ही हरकत की है । घिमिरे ने गत जेठ ११ गते पुलिस में एक उजुरी पंजीकृत किया, जहां उन्होंने लिखा था कि उनके पसल से ३ लाख १२ हजार नगद सहित ३२ लाख ९२ हजार रपैयों कि इलेक्ट्रोनिक्स सामान चोरी हो गई है । जब पुलिस ने अनुसंधान शुरु किया तो आशंका की सुई घिमिरे की ओर ही घूम गई ।
अनुसंधान की गहराई से सच सामने आ ही गया । पता चला कि उन्होेंने ही पसल चोरी संबंधी हला करके सामान छीपाकर रखा था । जिन समानों को चोरी होने की बात कहा था, वह सामान हेटौडा–४ पारिजातपथ स्थित एक घर में मिल गया है, जो उन्होंने ही वहां पहुँचाया था ।
अनुसंधान से यह भी पता चला है कि घिमिरे ने बैंक से ५० लाख रुपैयां ऋण लिया था । उक्त ऋण के लिए बैंक की ओर से दबाव आने के कारण उन्होंने खुराफती दिमाग चलाया और पसल चोरी होने की हल्ला की । घिमिरे चाहते थे कि बीमा कंपनी से बीमा रकम प्राप्त हो और वही रकम बैंक को दे सके ।


