नागरिक का नैसर्गिक अधिकार रक्षा के लिये सरकार प्रतिवद्ध हैः गृहमन्त्री थापा
११ जून, काठमांडू । प्रतिनिधिसभा में आज मंगलवार की बैठक में माईतिघर मण्डला में जेठ २६ गते प्रहरी हस्तक्षेप के बारे में सदन को जानकारी दिया गया, जिस पर गृहमन्त्री थापा ने बताया कि राज्य नागरिक के अधिकार को कुण्ठित करने के पक्ष में नहीं है ।
उन्होंने बताया कि गुठी विधेयक प्रावधान में असहमति व्यक्त करते हुये कुछ संस्थाएं, समिति ने सम्पदा बचाऊ अभियान अन्तर्गत प्रदर्शन किया । प्रदर्शनकारियों ने सार्वाजनिक आवागमन अवरोध कर प्रहरी के साथ सामान्य बल प्रयोग किया । प्रहरियों ने अपने बचाव तथा सवारी आवागमन अवरोध का प्रतिक्रिया कर पानी का फुहारा छोडा तथा सामान्य बल का प्रयोग किया ।
उन्होंने बताया कि शान्तिपूर्ण रुप में प्रदर्शन कर सकते हैं परन्तु प्रहरी या सुरक्षाकर्मी को पत्थर, ईटा से मारना तथा उसके चेहरे को क्षतविक्षत करने का अधिकार को हम लोकतान्त्रिक अधिकार तो नहीं कह सकते न ।
गृहमंत्री थापा ने सदन को बताया कि सरकार ने नागरिक अधिकार को न तो दमन की है न हीं कुण्ठित की है, शान्ति सुरक्षा कायम कर सार्वजनिक यातायात सुचारु करने के लिये सरकार ने अपनी दायित्व पूरी की है । उन्होंने यह भी कहा कि सरकार इस घटना के सम्बन्ध में नैतिक जिम्मेवारी लेकर छानबीन करेगी ।
मन्त्री के जबाब से असन्तुष्ट सांसदों ने प्रतिप्रश्न किया साथ ही प्रतिपक्षी दलों के नेता सांसद बाल कृष्ण खाड, सांसद प्रेम सुवाल, पुष्पा भुसाल इत्यादि ने सरकार को ध्यानाकर्षण कराते हुये कहा कि संघ संस्था के आंदलनों को कमजोर बनाने के कार्य प्रति सरकार को दुख व्यक्त करना चाहिये और जिम्मेवार भी होना चाहिये ।

