राजनीतिक नेतृत्व को अपना आचरण,वोली व्यवहार और संस्कार में भी परिर्वतन करना होगा : माधव नेपाल
काठमांडू,२२ जून | नेपाल कम्युनिष्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता तथा पूर्व प्रधानमन्त्री माधव कुमार नेपाल ने कहा है कि राजनीतिक नेतृत्व को आत्मसमिक्षा करने का समय आगया है |
थाहा दर्शन के प्रवर्तक रुपचन्द्र बिष्ट की २०वीं स्मृति दिवस के अवसर पर राजधानी काठमाडौ में शनिवार को आयोजित एक कार्यक्रम को सम्बोधन के दरमियाँ उन्होंने यह बात खी | नेता नेपाल ने कहा कि जनअपेक्षा अनुसार कम किया गया या नही वह अब राजनीतिक नेतृत्व को आत्मसमिक्षा करना चहिये। उन्होंने कहा कि समय आगया है कि गरीबी, अभाव, वेरोजगारी, विकृति, विसंगती अंत करके सुखी नेपाली सम्मृद्ध नेपाल की इच्छा पूरी हुई या नही ? इसके लिए कार्य प्रगती की समिक्षा और वहस की आवश्यकता है । आर्थिक सम्मृद्धि की केवल नारा से ही राष्ट्र और जनता की अपेक्षा पूरी नही हो सकती | उन्होंने कहा कि समाज की आवश्यका को नेतृत्व को समझना पड़ेगा ।
उन्होंने कहा कि अगर हम नेतृत्व की भूमिका प्रभावकारी रुप में नही निर्वाह कररहें हैं तो हमे समझना चहिये कि हममे आत्मचिन्तन का आभाव है । आत्मनिरीक्षण और आत्मपरीक्षा की कमी भी है । ”
पुर्व प्रधानमन्त्री नेपालने कहा कि जनता की इच्छा पूरा करने के लिये राजनीतिक नेतृत्व को अपना आचरण , वोली व्यवहार और संस्कार में भी परिर्वतन की आवश्यकता है ।


