नेपाल में निवेष करने के लिए प्रधानमन्त्री द्वारा पुनः आह्वान
काठमांडू, २९ जुलाई । प्रधानमन्त्री केपीशर्मा ओली ने विश्व जगत के निवेषकर्ताओं को नेपाल में निवेष करने के लिए पुनः आह्वान किया है । आइतबार से काठमांडू में शुरु ‘इन्डिया नेपाल लजिस्टिक समिट’ सम्बोधन करते हुए प्रधानमन्त्री यह आह्वान किया है । प्रधानमन्त्री ओली ने दावा किया है कि लगानी मैत्री वातावरण निर्माण के लिए नेपाल ने कानूनी, संस्थागत और प्रक्रियागत रुप में रहे व्यवधान को भी हटाया है, इसीलिए निवेषकर्ता पूर्ण सुरक्षित महसूस कर नेपाल में निवेष कर सकते हैं ।
प्रधानमन्त्री ओली ने कहा है कि निवेषकर्ताओं की सहजता के लिए नेपाल ने ‘सार्वजनिक–निजी साझेदारी एवं निवेष के संबंधी व्यवस्था के लिए निर्मित ऐन’ ‘वैदेशिक निवेष और प्रविधि हस्तान्तरण संबंधी ऐन’, कार्यान्वयन में है, जो निवेषकर्ताओं के लिए सहजता प्रदान करती है । उन्होंने आगे कहा– ‘हम लोग भारत से लेकर विश्व जगत के निवेषकर्ताआेंं को नेपाल में निवेष करने के लिए आग्रह करते हैं ।’
प्रधानमन्त्री ओली को मानना है कि आज नेपाल में राजनीतिक स्थिरता है और निवेष के लिए सुरक्षित वातावरण है । उन्हाेंंने आगे कहा कि आर्थिक विकास और समृद्धि आज सबके लिए साझा मुद्दा बन चुकी है, इसीलिए नेपाल में निवेष करना सुरक्षित और विश्वसनीय भी है । प्रधानमन्त्री ओली ने कहा कि सन् २०३० के भीतर नेपाल को आर्थिक दृष्टिकोण से मध्यमस्तरीय देश बनाने का लक्ष्य सरकार का है और उसी के अनुसार काम कर रहा है ।
कार्यक्रम में उद्योग वाणिज्य तथा आपूर्ति मन्त्रालय के सचिव केदारबहादुर अधिकारी, नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ के अध्यक्ष भवानी राणा, नेपाल के लिए भारतीय राजदूत मंजीवसिंह पुरी जैसे व्यक्तित्व ने सम्बोधन किया । कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए भारतीय राजदूत पुरी ने कहा कि वीरगंज और विराटनगर स्थित एकीकृत भन्सार जाँच चौकी नेपाल–भारत व्यापार और वाणिज्य क्षेत्र में एक नयां आयाम है, जो दो देशों की आर्थिक समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है ।
समिट में नेपाल और भारत के उद्योगी, व्यवसायी एवं कागों और लजिस्टिक क्षेत्र में काम करनेवाले व्यक्तित्व सहभागी है ।

