Sun. Oct 20th, 2019

बिराटनगर में ऐतिहासिक राधाकृष्ण युगल जोड़ी सवार रथयात्रा निकला, उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब

पाँच लाख श्रद्धालु पहुचे, रथयात्रा में विहार, बंगाल से भी श्रद्धालु पहुचे

माला मिश्रा बिराटनगर

जय कन्हैया लाल की ….हाथी घोड़ा पालकी ….जय गोविन्दा जय गोपाला …..राधे -राधे कृष्णा-कृष्णा आदि उदघोष के साथ साथ थिरकते लाखों श्रद्धालु । हर तरफ   आध्यातमिक माहौल ।हर किसी में रथ की डोरी छूने की मची थी होड़। शनिवार को राधा -कृष्ण की युगल जोड़ी सवार रथ  विराटनगर के पोखरिया स्थित श्री राधकृष्ण मंदिर परिसर से निकलकर मेन रोड, धरान रोड, बरगाछी रास्ते पूरे नगर सात किलोमीटर का भ्रमण किया । इस दौरान रथ को गंतब्य तक पहुचने में साढ़े चार घंटा का समय लगा । दाहिना तरफ पुरुष और बाया तरफ महिला श्रद्धालु  रथ का डोरी तान रही थी । डोरी तानने में महिला , पुरुष सुरक्षाकारी भी लगाए गए थे ताकि भगदड़ न मचे ।इस दौरान रथ के  आगे पीछे लगभग 60 विभिन्न  आकर्षक झांकिया व बहनों का काफिला देखते ही बनता था। इससे पहले प्रदेश 1 का  मुख्यमंत्री शेरधन राई सहित अतिथियों ने गुब्बारा उड़ाकर रथ को रवाना किया । श्रद्धालुओं दर्शन करने के लिए रथ यात्रा को चालीस  जगहों पर रोकी गई जहां श्रद्धालुओ ने नजदीक से दर्शन किया ।इस दौरान हेलीकाप्टर द्वारा कई राउंड पुष्प वर्षाए गए । रथ के साथ साथ बिभिन्न प्रकार के नृत्य व झांकी लोगों को बरबस अपनी ओर खींच रहा था ।रथ के साथ राधा कृष्ण,सुदामा ,राधा,यसोधा वेश भुशे के कलाकार तथा राधा कृष्णा के जोड़ी में बाल कालाकार ने सबका मन मोह लिया । उद्योगपति , व्यापारी महिला , बच्चे ,बृद्ध ,युवा सभी भक्ति रस में गोते लगते नज़र आये ।नेपाल पुलिस के एसपी विश्व अधिकारी  स्वयं सुरक्षा व्यवस्था की मॉनिटरिंग करते नज़र आये । मोरंग पुलिस के अनुसार इस रथयात्रा में लगभग 2500 सुरक्षाकर्मी,600 प्रशिक्षत स्वयंसेवक लगाए गए थे । इस दौरान मारवाड़ी युवा मंच के कार्यकर्ता प्रसाद बितरण में सक्रिय दिखे । जगह जगह मुख्य बाजार में महिला मंडल सहित बिभिन्न सामाजिक संस्थाओं द्वारा श्रद्धलुओं की सेवा के लिए  स्टाल लगाकर मिनरल वाटर , सर्वत , चॉकलेट , लस्सी की व्यवस्था की गई थी ।बच्चो के बीच चॉकलेट बाटा गया । इस दौरान बिभिन्न भजन मंडलीयो द्वारा प्रस्तुत किये गए गीत व भजन से शहर का शहर का वातावरण भक्तिमय बना रहा । आयोजक श्रीराधाकृष्ण रथयात्रा समारोह के अध्यक्ष बाबुराजा ओझा, उपाध्यक्ष नंदकिशोर राठी ने दावा किया है कि यह रथयात्रा भारत के जगन्नाथपूरी के बाद और एसिया का दूसरा बड़ा रथयात्रा है जिसमे लगभग पाँच लाख श्रद्धालु पहुचते है ।

बताते चले कि

बिराटनगर से कृष्णजन्माष्टमी के दूसरे दिन निकलने बाला यह 52 वा रथयात्रा है । इससे पूर्व यह खट  यात्रा के रूप में निकलता था ।बताया जाता है पोखरिया के श्री राधकृष्ण मंदिर को बिराटनगर निवासि सज्जन पौडेल ,सोमराज पौडेल उर्फ मुखिया ,कृष्णा पौडेल ने जमीन दान दी थी जहाँ मंदिर की स्थापना कर इस धार्मिक आयोजन की शुरुआत की । शुरुआत में यहां से खटयात्रा  का शुभारंभ हुआ जो बाद में रथ यात्रा में परिणत हुआ । अब इस रथ यात्रा में विहार , बंगाल से भी श्रद्धालु पहुचते है । बिराटनगर के लोग इसे बिराटनगर के गौरव के रूप में देखते है । समाज का हर तबका इस समारोह में बढ़ चढ़ कर भाग लेते है । सरकारी छुट्टी भी दिया जाता है ताकि लोग अपने बाल बच्चे, परिवार के साथ समारोह में पहुचे । बिराटनगर और आसपास के ग्रामीण इलाका से भी लोग पहुचते है यु कहे तो रथयात्रा मेला का रूप ले लिया है । जोगबनी, बथनाहा, फारबिसगंज तक के लोग का लोगो को तो इसका इन तजार रहता है कई लोग अपने परिवार के साथ इस समारोह में पहुचते है। सीमा पर भीड़ भाड़, वाहनों में कतारे देखते ही बनता है । नेपाल पुलिस भी समारोह में कही कोई अप्रिय घटना न घटे सुरक्षा का पुख्ता बंदोबस्त रखते है ।

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