संविधान सभा का पुर्नस्थापना सत्ता का वार्गेनिंग : उपेन्द्र यादव
बिराटनगर, बरुणमाला ।देश को असफल राष्ट्र से बचाना है तो राष्ट्रपति को सक्रिय होना पडेगा। चुप बैठने से समस्या और भी गंभीर हो सकता है। उपरोक्त बातें मधेसी जनअधिकार फोरम नेपाल के अध्यक्ष तथा पूर्व उपप्रधानमंत्री उपेन्द्र यादव ने विराटनगर में आयोजित पत्रकार सम्मेलन में कही। उन्होंने कहा कि बाबूराम भटरार्इ के नेतृत्व वाली सरकार के कारण ही संविधान सभा भंग हुआ अब राष्ट्रपति को चाहिए कि राष्ट्रीय सरकार तथा सर्वसम्मति के लिए सरकार पर दबाव बनाने का सहमति का समय सीमा तय करे। उन्होंने कहा राष्ट्रपति संविधान का संरक्षक होते है इस कारण से भी राजनीतिक संकट के समय चुप बैठना उचित नही। उन्होंने वर्तमान सरकार को सहमति का वाधक बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव के अलावा अब और कोर्इ विकल्प नही बचा है। उन्होंने कहा संविधान सभा का पुर्नस्थापना सत्ता का वार्गेनिंग के लिए हो रहा है। उन्होंने संविधान पुर्नस्थापना से समस्या का समाधान नही होने की बात कही। यादव ने कहा कि वर्तमान कामचालाउ सरकार को बजट लाने का अधिकार नही है। उन्होंने विभिन्न राजनीतिक दलों के सहमति से आनेवाली बजट को मान्यता देने की बात कही।

