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भारत से कारोबारी रिश्ते खत्म करने के बाद पाकिस्तान फिर खरीदेगा भारत से जीवन रक्षक दवाईयां

 

भारत से कारोबारी रिश्ते खत्म करने के ऐलान के बाद कुछ ही दिन बाद   मंगलवार दोपहर इमरान खान सरकार ने कहा कि वो भारत से जीवन रक्षक दवाईयां (Life-saving drugs) खरीदेगी। इसके लिए वहां के वाणिज्य मंत्रालय ने पत्र भी जारी कर दिया। कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद प्रधानमंत्री इमरान खान ने घोषणा की थी कि भारत से अब किसी तरह का द्विपक्षीय व्यापार नहीं किया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुल्क में दवाओं के आयात पर लगे प्रतिबंध का पुरजोर विरोध होने के बाद सरकार ने फैसला बदला है।

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आदेश भी जारी
‘जियो न्यूज’ के मुताबिक, कॉमर्स मिनिस्ट्री ने मंगलवार को एक ऑर्डर जारी किया। इसमें साफ तौर पर कहा गया है कि भारत से जीवन रक्षक दवाईयों की खरीद फिर शुरू की जा रही है। पिछले महीने इमरान के हस्ताक्षर वाला एक बयान जारी किया गया था। इसमें कहा गया था कि भारत से अब किसी तरह के कारोबारी रिश्ते नहीं रखे जाएंगे।

मई तक 136 करोड़ रुपए की दवाएं खरीदीं
पाकिस्तान में जीवन रक्षक दवाओं का उत्पादन न के बराबर होता है। उसे इनकी आपूर्ति अब तक भारत से ही होती रही है। इसके दो प्रमुख कारण हैं। पहला- भारत से आयात की जाने वाली दवाईयों की कीमत कम होती है और इनकी गुणवत्ता बहुत अच्छी होती है। दूसरा- दवाओं के परिवहन पर आने वाला खर्च काफी कम होता है। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, इस साल जनवरी से मई के बीच भारत ने पाकिस्तान को 136 करोड़ रुपए की जीवन रक्षक दवाओं का निर्यात किया।

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दबाव में इमरान सरकार
‘द डॉन’ ने 19 अगस्त को देश में लाइफ सेविंग ड्रग्स की कमी पर एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी। इसमें कहा गया था कि भारत से सभी तरह के कारोबारी रिश्ते तोड़ने के दूरगामी असर होंगे। इसी दौरान पाकिस्तान के सबसे बड़े श्रमिक संगठन ‘एम्पलॉयर फेडरेशन ऑफ पाकिस्तान’ यानी ईएफपी ने सरकार को पत्र लिखा। इसमें कहा गया- भारत से कारोबार बंदी पर सरकार का फैसला सही नहीं है। दवाओं के आयात को फौरन इस प्रतिबंध से हटाना चाहिए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो अवाम मुश्किल में पड़ जाएगी। माना जा रहा है कि इसी तरह के दबावों की वजह से पाकिस्तान ने जीवन रक्षक दवाओं के आयात का फैसला किया है।

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