खाे गई मुस्कान के हाेठाें की मुसकान, क्या कुसूर था उसका
मुस्कान अपना चेहरा देखना चाह रही थी । उसकी जिद पर जब उसे आइना के सामने लाया गया ताे मुसकान फूट फूट कर राे पडी । जी हाँ एक हँसती खेलती बच्ची जिसकी आँखाें में सुनहरे भविष्य का सपना था जाे पढना चाहती थी और अपने पिता का हाथ बटाना चाहती थी आज अस्पताल के विस्तर पर पडी कराह रही है । आखिर क्या कसूर था उसका यही कि उसने कथित प्रेम का प्रस्ताव नहीं माना था । जिसका खामियाजा उसे भुगतना पड रहा है ।
मुसकान के पिता माता इस चिन्ता में हैं कि मुसकान का इलाज कैसे हाेगा । कीर्तिपुर में उपचाररत मुसकान का इलाज लम्बा चलने वाला है जिसमें काफी खर्च हाेंगे । इस चिन्ता के साथ ही मुसमकान के पिता कि बस यही माँग है कि आराेपी काे फाँसी पर लटकाया जाय । नेपाल के संविधान में फाँसी की सजा नहीं है परन्तु मुसकान के पिता बस यही एक सजा अपराधियाें के लिए चाहते हैं ।
एसिड के कारण मुस्कान के चेहरे का दाहिना भाग दाेनाें हाथ छाती जल गया है । डाक्टर का कहना है कि एसिड से जले भाग काे उसके प्रभाव से जल्द से जल्द राेकना हाेगा नहीं ताे माँसपेशियाे पर असर पर सकता है ।
मुस्कान के उपचार के लिए सांसद प्रदीप यादव ने तत्काल ही ५० हजार उपलब्ध कराया साथ ही प्रदेश २ सरकारल ने भी मुस्कान के उपचार के लिए ५ लाख रुपया देने की घोषणा की है ।
एसिड प्रहार करने वाले दाेनाें आराेपियाें काे प्रहरी हिरासत में ले चुके हैं । एसिड फेकने वाले वीरगञ्ज-२ छप्कैया के १६ वर्षीय सम्साद मियाँ काे प्रहरी ने पहले हिरासत में लिया था । कुछ समय बाद ही एसिड प्रहार के योजनाकार १६ वर्षीय माजिद आलम काे भी हिरासत में ले लिया है ।






