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चार सालकी बेटी माँ से पुछती है पापा कब आएङ्गे ? नही रहें रामबहादुर महतोजी

 

मनोज बनैता, लहान, १३ सेप्टेम्बर । किशोरावस्था से ही मधेसवाद्के चिन्तन से ओतप्रोत रहे सुखिपुर ८ सिरहाके भुमिमे जन्मे रामबहादुर महतोका अल्पआयु मे निधन हुवा है ।

१८ बर्षके उम्रसे ही राजनैतिक मैदानमे उतरे नेता महतो मधेस और मधेसीके अधिकार के लिए लडता रहा है । उनका कहना था “जबतक मधेस और मधेसी के उपर होरहे विभेद अन्त्य नहि होगा तबतक मधेसी अपने अधिकार नही पासकता है । ”

स्वर्गीय नेता रामबहादुर महतो किशोरावस्थामे स्व. गजेन्द्रनारायण सिँहके हाथसे २०४८ सालमे नेपाल सद्भावना पार्टीका सदस्यता लेकर राजनैतिक मैदानमे आए थे । नेता महतोका जन्म वि.स.२०३० माघ ५ गते हुवा था । स्व. नेता महतो सुखिपुर ८ के एक कृषक किसन महतोका बेटा है ।

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सद्भावना पार्टी के सदस्यता लेते हि नेता महतो मधेश और मधेसी के अधिकारके लिए गाँव गाँव प्रचार किए थे । पँचायत समाप्ती, प्रजातन्त्र स्थापना, लोकतान्त्रिक गणतन्त्र स्थापनाके लिए आन्दोलन करके जनतामे अपना छाप छोडनेमे सफल महतोका भुमिका मधेश आन्दोलनमे भी बहुत अहम रहा था ।

रामबहादुर महतोने जो नैतिक मूल्य और मान्यता मे आधारित करिव तीन दशक तक जो राजनीति किया वो नए पुस्ताके लिए सिर्फ अनुकरणीय हि नहि धरोहर रहनेवाला है ।

राष्ट्रिय जनता पार्टी नेपालका सिरहा जिल्ला अध्यक्ष रामबहादुर महतोका भाद्र २६ गते ब्रेन ह्याम्रेज के कारण निधन हुवा है। उनके अन्तिम यात्रामे राजापा नेपालका अध्यक्षमण्डलका संयोजक राजकिशोर यादवलगायत विभिन्न नेता, मन्त्री, सांसद सुखिपुर गए थे ।

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महतोके पार्थिव शरीरको राजपा पार्टीके झण्डा ओढाकर सम्मान कियागया था । पार्टीके लिए सारा जीवन दान करने वाला महतो का बालबच्चा बहुत हि बदहाली मे है । आजसे ठिक ६ बर्ष पहले उनके पहली पत्नीका मौत खाना पकानेके क्रममे आगमे झुलसकर हुवा था । पहली पत्नी से महतो का १४ बर्षीय एक बेटी और दो बेटे है । और दुसरी से एक बेटा और एक बेटी । छोटी बेटी ४ सालकी एक मासुम बच्ची है जिन्हे अपने पिताजी के मौत का ज्ञान् नहि है । समय समय पर रोतेहुवे वह अपने माँ से पुछती है कि पापा कब आएङ्गे? आसपास के लोग उनहे ढाढस देते हुवे बहला रहे है ।

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दरशल महतोके परिवारका आर्थिक अवस्था भि बहुत कमजोर है । करिब १५ कठ्ठा खेती जग्गामे पूरा परिवार निर्भर है । सारा जीवन पार्टीको समर्पित करनेवाले महतोके निधन पश्चात उनके परिवारका शिक्षा स्वास्थ्यके व्यवस्था अब कौन करेगा ? गम्भीर प्रश्न लोगोके मनमे घर कररहा है । ईसके लिए पार्टी को व्यवस्था करना चाहिए, यह स्थानियोका माग है ।

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