भारत के नक्शे में नेपाली जमीन, किन्तु चीन के कब्जे में नेपाली भूभाग, सरकार खामाेश
काठमाडौं ।
भारत द्वारा लिपुलेक और कालापानी काे अपने नक्शे में दिखाये जाने पर व्यापक विराेध हाेने के बाद चीन द्वारा नेपाल के उत्तरी सीमा में ११ जगहाें पर सीमा अतिक्रमण का तथ्य बाहर आया है । जिसका कहीं काेई विराेध भी नहीं किया गया है ।
चीन द्वारा हुम्ला, रसुवा, सिन्धुपाल्चोक, संखुवासभा के विभिन्न स्थानाें में सीमा में अतिक्रमण किया गया है । चीन द्वारा सीमा अतिक्रमण पर प्रधानमन्त्री खड्गप्रसाद ओली द्वारा काेई पहल नही की गई है ।
चीन द्वारा हुम्ला के भाँगदारे खोला में ६ हेक्टर, कर्णाल में चार हेक्टर, रसुवा के सन्जेन खोला में दाे हेक्टर, भुर्जुग खोला में एक हेक्टर, लेम्दे खोला में एक हेक्टर, जबमु खोला ३ हेक्टर, सिन्धुपाल्चोक के खराने खोला में सात हेक्टर, भोटेकोशी में चार हेक्टर, समजुँग खोला में ३ हेक्टर, काम खोला में २ हेक्टर और संखुवासभा के अरुण नदी में ४ हेक्टर जमीन कब्जा किया गया है ।
चीन के साथ आबद्ध उत्तरी नेपाल में पूर्व से पश्चिम तक ४३ भन्ज्याङ–नाका है । ये भन्ज्याङ नेपाल–चीन सीमा नाका का काम करते हैं ।
सीमा नाकामध्ये छ व्यापारिक सीमा नाका खुला किया गया है ।
तिब्बत स्वासित चीन क्षेत्र में सडक सुविधा विस्तार हाे रहे सडक सञ्जाल के विस्तार के कारण नदी, खोला भी तथा नेपाल का भू–भाग तिब्बत में शामिल हाेने की बात कृषि मन्त्रालय के नापी शाखा के रिपोर्ट में उल्लेख है ।
रिपाेर्ट के अनुसार सैकडौं एकड जमीन नेपाली भू–भाग तिब्बत में सहज तरिका से शामिल कर लिया गया है ।

