Sat. May 30th, 2020

उप–प्रधानमन्त्री तथा स्वास्थ्यमन्त्री उपेन्द्र यादव रचित १०वीं पुस्तक लोकार्पण (फोटो फिचर)

  • 447
    Shares

अंशु झा/७ नवम्बर, काठमांडू ।

उप–प्रधानमन्त्री तथा स्वास्थ्यमन्त्री उपेन्द्र यादव द्वारा रचित ‘नेपाल के सन्दर्भ में समाजवादी लोकतन्त्र’ नामक पुस्तक का लोकार्पण हुआ । लोकसत्ता मासिक द्वारा शुक्रबार काठमांडू में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के बीच उक्त पुस्तक लोकार्पण किया गया ।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि समाजवादी पार्टी का अध्यक्ष डा. बाबूराम भट्टराई जी थे तथा मुख्य अतिथि अर्थविद् डा. हरिवंश झा, प्रा. डा. सुरेन्द्र केसी, दीनानाथ शर्मा, खगराज बराल, डा. मुक्ति रिजाल, डा. कृष्ण हाथेछु, अर्थविद् पुष्पराज कर्णिकार, डा. मिना आचार्य, राजेन्द्र श्रेष्ठ, अशोक राय इत्यादि थे । इन अतिथियों ने पुस्तक की समीक्षा भी किए ।
कार्यक्रम में समिक्षकों ने अपने–अपने ढंग से पुस्तक की समिक्षा करते हुए कहा कि नेपाल में समाजवादी लोकतन्त्र स्थापना के लिए पुस्तक महत्वपूर्ण दस्तावेज एवं बौद्धिक खुराक बन सकता है । समीक्षक डां. सुरेन्द्र केसी ने कहा कि इस पुस्तक में विश्लेष्णात्मक और वर्णनात्मक प्रणाली विज्ञान का सफल प्रयोग किया गया है । इसमें सरल तथा सुगम भाषा शैली का भी विशेषता है । इसी प्रकार सभी समिक्षकों ने पुस्तक के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला ।
कार्यक्रमको सम्बोधन करते हुए डा. बाबूराम भट्टराई ने कहा कि नेपाल बहुराष्ट्रीय, बहुभाषिक, बहुसांस्कृतिक और क्षेत्रीय विविधतायुक्त विधि जाति, भाषा, धर्म संस्कृति, भूगोल, अर्थतन्त्र और मनोविज्ञान से परिपूर्ण है । उन्होंने कहा कि यह पुस्तक हमारे समाजवादी पार्टी के लिये तो महत्वपूर्ण ही है, साथ में आम जनता के लिये भी यह पुस्तक उतना ही महत्वपूर्ण है । उन्होंने कहा कि राजनीति का अर्थ सिर्फ सत्ता प्राप्ति ही नहीं है, राज्य के हक हित के लिये संघर्ष करना भी राजनीति है । पीडित को न्याय दिलाना भी राजनीति है ।
पुस्तक के लेखक तथा उपप्रधानमन्त्री एवं स्वास्थ्य मन्त्री उपेन्द्र यादव ने कहा कि समान अधिकार के बिना समाजवादी राज्यसत्ता स्थापना नहीं हो सकता, उसी समाजवादी आन्दोलन के लिए एक कडी है यह पुस्तक । उनका मानना है कि राज्य के अनाथ बच्चों का दायित्व राज्य का ही होता है, उसे उचित शिक्षा, संस्कार तथा पोषण देना राज्यका दायित्व है, वही समाजवाद भी है ।
स्मरणीय है, मन्त्री यादव जी की यह दशवीं कृति है । इस पुस्तक में उन्होंने नेपाल का इतिहास, भूगोल, धर्म संस्कृति, जाति विभेद, वर्ण विभेद, देश में हुये विभिन्न राजनीतिक आंदोलन, विश्व राजनीति में समाजवादी आन्दोलन में सरिक व्यक्तित्व की योगदान आदि के बारे में चर्चा किए हैं ।

यह भी पढें   हिंदी पत्रकारिता ही हिंदी भाषा के अस्तित्व को बचा सकती है : एस.एस.डोगरा

कार्यक्रम की कुछ तस्वीरें

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Loading...
%d bloggers like this: